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'महाराष्ट्र में पत्थर और तलवार की भाषा नहीं चलेगी', मलिक ने दिया राज ठाकरे को जवाब

मलिक ने कहा, बीजेपी वाले कहते हैं कि एनआरसी(NRC) और सीएए (CAA) के खिलाफ मोर्चा निकालना ठीक नहीं है, उन्हें कानून की जानकारी नहीं है। लेकिन क्या यह मोर्चा निकालने वाले इस कानून को जानते हैं?

'महाराष्ट्र में पत्थर और तलवार की भाषा नहीं चलेगी', मलिक ने दिया राज ठाकरे को जवाब
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे (RAJ THAKCERAY) द्वारा आजाद मैदान (azad maidan) में दिए गये भाषण में कहा था कि, पत्थर का जवाब पत्थर से और तलवार का जवाब तलवार से देंगेअब इसके जवाब में एनसीपी नेता (NCP) और अल्पसंख्यक मंत्री नवाब मलिक (NAWAB MALIK) की प्रतिक्रिया सामने आई हैमलिक ने कहा है कि, महाराष्ट्र में कानून का राज है यहां तलवार की भाषा नहीं चलेगी आपको बता दें कि राज ठाकरे ने रविवार को अवैध बंगलादेशी और पाकिस्तानियों के खिलाफ मोर्चा रैली का आयोजन किया था, उसी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने यह वक्तव्य दिया था


क्या कहा मलिक ने? 

मलिक ने राज ठाकरे को जवाब देते हुए कहा, यदि कोई यह कह रहा है कि वे पत्थर और तलवार से जवाब देंगे, तो उन्हें महसूस होना चाहिए कि महाराष्ट्र में कानून का शासन है। इस राज्य में शांतिप्रिय लोग रहते हैं। अगर कोई हिंसा की बात करता है तो हम भी गांधीवादी हैंउन्होंने भाजपा की भी अप्रत्यक्ष रूप से आलोचना करते हुए कहा कि भले ही मनसे को कोई समर्थन दे, राज्य उनके लिए कोई मायने नहीं रखता।


मलिक ने कहा, बीजेपी वाले कहते हैं कि एनआरसी(NRC) और सीएए (CAA) के खिलाफ मोर्चा निकालना ठीक नहीं है, उन्हें कानून की जानकारी नहीं है। लेकिन क्या यह मोर्चा निकालने वाले इस कानून को जानते हैं? 


पढ़ें: आज़ाद मैदान में गरजे राज ठाकरे, रैली में लगे जय श्री राम के नारे


मलिक ने आगे कहा, वे (राज ठाकरे) कहते हैं कि भारत धर्मशाला बन गया है क्या? NRC में धर्म के आधार पर नागरिकता देने का निर्णय किया गया है। भाजपा का यह भी दावा है कि देश में 2 करोड़ बांग्लादेशी रहते हैं। लेकिन असम के आंकड़ें कहते हैं कि NRC के कारण जो 19 लाख लोगों पर प्रश्न उठ रहा है उसमें 16 लाख हिंदू और 3 लाख मुस्लिम हैं।  


अल्पसंख्यक मंत्री ने कहा, घुसपैठियों को निकालने की प्रक्रिया निरंतर जारी है। उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया जाता है और उनके देश भेजा जाता है। लेकिन इस तरह से किसी को भी पत्थर और तलवार की भाषा नहीं बोलना चाहिए। 


बकौल मलिक, इस देश में कुछ लोग धर्म के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। महाराष्ट्र में रहने वाले कई मुसलमान मराठी हैं, उन्हें कोई प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता नहीं है। जब आप कहते हैं कि भारत मेरा देश है और सभी भारतीय मेरे भाई हैं, तो इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करके देश में अशांति पैदा करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।


पढ़ें: ‘मनसे' की महारैली आज, बदलेगा राजनीति का रंग?


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