विरोधी पक्ष नेता के बिना ही चलेगी बीएमसी?

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विरोधी पक्ष नेता के बिना ही चलेगी बीएमसी?

मुंबई - बीएमसी में इस बार विपक्ष के पद को लेकर संस्पेंस बना हुआ है। चुनाव के बाद दुसरे नंबर की पार्टी बीजेपी विरोधी पक्ष का पद लेने को तैयार नहीं है। जिसके बाद कयास लगाए जा रहे थे की कांग्रेस को विपक्ष का पद मिल सकता है। लेकिन बीजेपी कांग्रेस को यह पद देने के लिए तैयार नहीं है। इसलिए संसद की तरह ही बीएमसी मे भी बिना विपक्ष के ही सत्ता चलाने के पक्ष में बीजेपी दिख रही है।

बीएमसी में महापौर, उपमहापौर ,स्थायी समिती, शिक्षण समिती, सुधार समिती, बेस्ट समिती अध्यक्ष पद पर शिवसेना के नगरसेवक ही विजयी हुए। बीएमसी चुनाव में बीजेपी को 82 तो शिवसेना को 84 सीटें मिली थी। बीजेपी दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी थी। लेकिन शिवसेना का समर्थन देने के बाद अब वह भी विपक्ष में बैठने को तैयार नहीं है। हालांकी कांग्रेस 31 नगरसेवको के साथ तीसरे नंबर की पार्टी है , लेकिन तीसरे नंबर की पार्टी को विरोधी पक्ष का दर्जा देने का नियम नहीं है। विरोधी पक्ष नेता का पद किसे मिले ये महापौर का अधिकार है।जिसे देखते हुए मनोज कोटक ने आरोप लगाया है की शिवसेना कांग्रेस को विपक्ष का पद दे सकती है।

अगर इस बार बीएमसी मे कोई भी नेता विरोधी पक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठता है तो ऐसा पहली बार होगा जब बीएमसी में कोई भी विपक्षी पार्टी नहीं होगी।

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