NOTA : कितना अच्छा, कितना खराब?

इन खाताधारकों ने अपने दुःख सुख में नोटा के ऊपर भरोसा जताया है, अब जबकि दो राज्यों में विधानसभा का चुनाव एकदम सिर पर है तो नोटा एक बार फिर से चर्चा में है।

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महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मी के बीच pmc खाताधारकों का मामला भी काफी गरम है। pmc बैंक में हजारों खाताधारकों के लगभग लाखों करोड़ो रूपये फंसे हुए हैं। इन खाताधारकों ने धमकी दी है कि अगर उनके पैसे उन्हें नहीं मिले तो वे इस बार चके चुनाव में नोटा का बटन दबाएंगे या फिर चुनाव का बहिष्कार करेंगे। यानी इन खाताधारकों ने अपने दुःख सुख में नोटा के ऊपर भरोसा जताया है, अब जबकि दो राज्यों में विधानसभा का चुनाव एकदम सिर पर है तो नोटा एक बार फिर से चर्चा में है।

21 अक्तूबर को महारष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा का चुनाव है जबकि 24 अक्तूबर को रिजल्ट जारी होंगे। सभी उमीदवार अपने-अपने चुनाव प्रचार में जोर शोर से लगे हुए हैं। जिस EVM से आप वोट देते हैं उसी EVM में सबसे नीचे नोटा का बटन होता है जिस पर NOTA लिखा होता है। NOTA का मतलब होता None of the above।


नोटा को जब से लागू किया गया है तब से कुछ लोग इसके पक्ष में हैं और कुछ लोग खिलाफ...यह एक बहस का मुद्दा है कि नोटा का यूज करना चाहिए या नहीं??

भारत निर्वाचन आयोग ने दिसंबर 2013 के विधानसभा चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में नोटा (None of the above, or NOTA ) बटन का विकल्प उपलब्ध कराया था। जैसा की आप लोग जानते हैं कि इस बटन का मतलब होता है कि अगर आपके इलाके से जितने भी उम्मीदवार खड़े हैं, कोई भी आपकी नजर में योग्य नहीं है तो आप नोटा का बटन दबा कर अपना वोट कर सकते हैं। यानी नोटा, उम्मीदवारों को खारिज करने का एक विकल्प देता है, यानी इसे दबा कर मतदाता एक तरह से अपना विरोध प्रकट करता है। ऐसा नहीं है कि वोटों की गिनती की समय उनके वोटों को नहीं गिना जाता है, बल्कि नोटा में कितने लोगों ने वोट किया, इसका भी आकलन किया जाता है।

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