केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बयान बीजेपी ने दी सफाई

बीजेपी ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा की गई टिप्पणी को राजनीतिक लाभ के लिए बदला जा रहा है

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आगामी 2019 के आम चुनावों के पहले केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने रविवार को यह कहते हुए हड़कंप मचा दिया कि जो राजनीतिक नेता "सपने दिखाते हैं" उन्हें पूरा करना चाहिए या फिर उनकी जनता "पिटाई" भी करती है। इस बयान के बाद विपक्षी पार्टियों को केंद्र सरकार पर हमला बोलने का एक और मौका मिल गया। हालांकी बाद में बीजेपी ने इस बयान पर सफाई दी। बीजेपी ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा की गई टिप्पणी को राजनीतिक लाभ के लिए बदला जा रहा है

मुंबई में रविवार को हुए कार्यक्रम में नितिन गड़करी ने अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर को बीजेपीमें प्रवेश दिलवाया। इसके साथ ही उन्होने कहा की “राजनेता जो सपने दिखाते हैं उन्हें हमेशा लोगों द्वारा पसंद किया जाता है। हालाँकि, यदि सपने पूरे नहीं होते हैं, तो जनता इन राजनेताओं की पिटाई करती है। मैं सपने दिखाने वालों में से नहीं हूं। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, जहां शिवसेना के पूर्व नेता हाजी अराफात शेख पार्टी में शामिल हुए थे"।

गडकरी के बयान के बाद, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया, "पीएमओ, गडकरी आपको आईना दिखा रहे हैं"। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी ट्वीट कर कहा कि गडकरी ने पीएम मोदी पर हमला किया है, "मोदीजी, जनता आ रही है"।

यह पहली बार नहीं है कि गडकरी की टिप्पणी ने विपक्ष और मीडिया में भौंहें चढ़ी हैं। इससे पहले, राजस्थान, मध्य प्रदेश, और छत्तीसगढ़ में तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार के बाद, गडकरी ने कहा था कि नेतृत्व को "हार और असफलताओं" का सामना करना चाहिए। भाजपा ने सोमवार को स्पष्ट किया कि केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी कांग्रेस के लिए थी, न कि उनकी अपनी पार्टी के लिए। बीजेपी ने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए उनके बयान को घुमाया जा रहा था। बीजेपी के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा "गरीबी हटाओ" का नारा देने और इस बारे में कुछ नहीं करने के लिए टिप्पणी की गई थी।

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