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जिला परिषद–पंचायत समिति चुनाव में शिवसेना की ज़बरदस्त बढ़त

जिला परिषद और पंचायत समितियों में शिवसेना का 45 प्रतिशत स्ट्राइक रेट

जिला परिषद–पंचायत समिति चुनाव में शिवसेना की ज़बरदस्त बढ़त
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राज्य की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के लिए हुए चुनावों में शिवसेना को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। पार्टी के मुख्य नेता और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना ने जिला परिषद और पंचायत समितियों में 45 प्रतिशत का प्रभावशाली स्ट्राइक रेट दर्ज किया है।(Shiv Sena takes a massive lead in Zila Parishad Panchayat Samiti elections)

कोंकण में दमदार प्रदर्शन 

कोकण क्षेत्र में एक बार फिर शिवसेना की भगवा लहर देखने को मिली है और रत्नागिरी जिला परिषद पर शिवसेना का भगवा फहराया है। रायगढ़ और छत्रपति संभाजीनगर में शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इन चुनावों में महायुति ने शानदार प्रदर्शन किया है, जबकि उबाठा गुट और महाविकास आघाड़ी का पूरी तरह से सफाया हो गया है।

जिला परिषद चुनावों में 157 उम्मीदवार जबकि पंचायत समितियों में 315 उम्मीदवार विजयी 

राज्य की जनता ने लगातार चौथी बार शिवसेना को भारी समर्थन देकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसे की मुहर लगाई है। जिला परिषद चुनावों में शिवसेना के 157 उम्मीदवार विजयी हुए हैं, जबकि पंचायत समितियों में 315 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जिला परिषद चुनावों के लिए 15 सार्वजनिक सभाएं की थीं। रत्नागिरी जिला परिषद पर शिवसेना का भगवा फहराया गया है। 125 पंचायत समितियों में से 25 से अधिक पंचायत समितियों में शिवसेना ने सत्ता हासिल की है।

सिंधुदुर्ग में 65 प्रतिशत स्ट्राइक रेट

दक्षिण कोकण के सिंधुदुर्ग जिले में जिला परिषद के लिए शिवसेना के 19 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से 13 उम्मीदवार विजयी हुए हैं। यहां शिवसेना ने 65 प्रतिशत का स्ट्राइक रेट दर्ज किया है। सिंधुदुर्ग जिले की पंचायत समितियों से शिवसेना के 28 उम्मीदवार विजयी हुए हैं।

रत्नागिरी जिला परिषद के लिए मैदान में उतरे 48 उम्मीदवारों में से 41 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, जबकि पंचायत समितियों में 75 उम्मीदवार विजयी हुए हैं। रायगढ़ जिला परिषद में शिवसेना के 19 उम्मीदवार विजयी हुए हैं और पंचायत समितियों में 38 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है।

मराठवाड़ा क्षेत्र में परभणी जिला परिषद में 5 और पंचायत समितियों में 6 शिवसेना उम्मीदवार विजयी हुए हैं। छत्रपति संभाजीनगर में 21 जिला परिषद गुटों और 51 पंचायत समिति गणों में शिवसेना ने जीत दर्ज की है। धाराशिव में 14 जिला परिषद गुटों और 33 पंचायत समिति गणों में शिवसेना विजयी हुई है। लातूर जिले में शिवसेना को जिला परिषद और पंचायत समिति में केवल एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा है।

पश्चिम महाराष्ट्र में सातारा जिले में शिवसेना की ताकत बढ़ी है। सातारा जिला परिषद में शिवसेना के 16 उम्मीदवार विजयी हुए हैं, जबकि पंचायत समितियों में 24 गणों में शिवसेना ने जीत हासिल की है। सोलापुर जिले में जिला परिषद की 6 और पंचायत समितियों की 7 सीटों पर शिवसेना विजयी हुई है।

सांगली जिले में भी शिवसेना ने मजबूती दिखाई है और खानापुर तालुका में एकतरफा सत्ता हासिल की है। सांगली जिला परिषद की 7 और पंचायत समितियों की 19 सीटों पर शिवसेना के उम्मीदवार विजयी हुए हैं। कोल्हापुर जिला परिषद की 9 सीटें शिवसेना ने जीती हैं और पंचायत समितियों की 20 सीटों पर भी शिवसेना को सफलता मिली है। पुणे जिले में 5 जिला परिषद गुटों और 12 पंचायत समिति गणों में शिवसेना के उम्मीदवार विजयी हुए हैं।

इसके विपरीत, उद्धव ठाकरे गुट को पूरे राज्य में करारी हार का सामना करना पड़ा है। शिवसेना की तुलना में उद्धव ठाकरे गुट को 12 जिला परिषदों में एक-तिहाई सीटें भी नहीं मिल सकीं। घर बैठकर राजनीति करने वालों को जनता ने एक बार फिर नकार दिया है।

उबाठा गुट और महाविकास आघाड़ी का सफाया

विधानसभा, नगरपालिका और महानगरपालिका चुनावों के बाद अब जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में भी उद्धव ठाकरे गुट और महाविकास आघाड़ी को जनता ने पूरी तरह नकार दिया है। कार्यकर्ताओं को अनदेखा कर घर बैठकर राजनीति करने वाले नेताओं को मतदाताओं ने एक बार फिर सबक सिखाया है। उद्धव ठाकरे गुट कोकण के साथ-साथ मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र से भी लगभग खत्म हो गया है। इसके विपरीत, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना की आगे बढ़ने की रफ्तार लगातार जारी है। शिवसेना और महायुति के विकास के एजेंडे को जनता ने खुलकर समर्थन दिया है।

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