भुजबल पर ईडी की स्वीकारोक्ति

मुंबई - आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके एनसीपी नेता छगन भुजबल को लेकर ईडी ने कोर्ट के सामने स्वीकार किया है कि 26 लोगों ने भुजबल से हिरासत में होने के बावजूद एक प्राइवेट अस्पताल में मुलाकात की है।

ईडी ने कहा कि 27 अक्टूबर को थॅलियम स्कॅन करने की सुविधा नहीं होने के कारण छगन भुजबल को जेजे अस्पताल से मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान 42 दिनों 26 लोग उनसे मिलने आए जिसमें राजनीतिक नेता, कार्यकर्ता और निकटवर्ती लोग शामिल थे।

सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने शुक्रवार को मुंबई सेशन कोर्ट में इस बाबत चल रही सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में छगन भुजबल से मिलने वालों की कतार क्यों लगी है? भुजबल को गिरफ्तारी के बाद वैसे तो मुम्बई के आर्थर रोड जेल में होना चाहिए था। लेकिन वह इलाज के बहाने लगातार जेल के बजाय अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। हाल ही में बॉम्बे अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भुजबल को आर्थर रोड जेल में भेजा जाना था। लेकिन वे फिर से जेजे अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। भुजबल ने अब तक सीने में दर्द, दांत में दर्द और डेंगू की शिकायत की है, जिसके इलाज के लिए अलग-अलग समय पर वे अस्पताल में भर्ती होते आ रहे हैं। अंजलि दमानिया का आरोप है कि जेजे अस्पताल के डीन डॉ तात्याराव लहाने की मिलीभगत के चलते छगन भुजबल को जेल के बजाए अस्पताल में रखा जा रहा है, ताकि भुजबल से लोग मिल सकें। अंजलि का कहना है कि 26 लोगों ने भुजबल से हिरासत में होने के बावजूद अस्पताल में मुलाकात की है।

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