राज्यसभा चुनाव: रामदास आठवले और शरद पवार भी निर्विरोध चुने गए

शरद पवार और रामदास अठावले के खिलाफ नामांकन दाखिल नहीं करने और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 18 मार्च को समाप्त होने के साथ, उन्हें महाराष्ट्र से निर्विरोध चुना गया।

राज्यसभा चुनाव: रामदास आठवले और शरद पवार भी निर्विरोध चुने गए
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार (sharad pawar) को बुधवार को राज्यसभा (rajyasabha) के लिए निर्विरोध चुन लिया गया।  महाराष्ट्र के भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा नामित सामाजिक न्याय मंत्री रामदास अठावले (ramadas athawa ke) राज्य मंत्री (MoS) को भी राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिया गया है।

शरद पवार और रामदास अठावले के खिलाफ नामांकन दाखिल नहीं करने और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 18 मार्च को समाप्त होने के साथ, उन्हें महाराष्ट्र से निर्विरोध चुना गया।  महाराष्ट्र से कुल सात उम्मीदवार ऊपरी सदन के लिए चुने गए हैं।

इनके अलावा राज्यसभा के लिए एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री फौजिया खान, शिवसेना की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी (priyanka chaturvedi) और कांग्रेस के पूर्व सांसद राजीव साटव (rajiv saram) को भी राज्यसभा के लिए चुना गया है।

महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए बीजेपी के उदयनराजे भोसले (udyan rahe bhale)और भागवत कराड (bhagvat karad) का भी नाम उच्च सदन के लिए चुने गए लोगों में शामिल है।

राज्यसभा चुनाव के संबंध में आधिकारिक घोषणा बुधवार को की गई थी, जबकि महाराष्ट्र की सात सीटों के लिए 26 मार्च को मतदान 

होने थे, लेकिन विरोध में एक भी फॉर्म तय तारीख तक नहीं भरने के कारण इन्हें निर्विरोध चुन लिया गया।

महाराष्ट्र विकास आघाड़ी (MVA) सरकार ने राज्यसभा के लिए चार उम्मीदवारों को नामित किया था, जबकि भाजपा ने तीन उम्मीदवारों को नामित किया। विपक्षी दल के पास राज्य विधानसभा में 105 सीटें हैं और उसे नौ अन्य विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है।

एनसीपी ने राज्यसभा के लिए शरद पवार और फौजिया खान सहित दो उम्मीदवारों को नामित किया, जबकि शिवसेना और कांग्रेस ने एक-एक उम्मीदवार को नामित किया।  निर्दलीय उम्मीदवार राकेश चव्हाण ने नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन यानी 13 मार्च को अपना पर्चा दाखिल किया। हालांकि, नामांकन के दौरान उनका नामांकन खारिज कर दिया गया।

महाराष्ट्र में भाजपा के एकनाथ खडसे और पंकजा मुंडे सहित अपने वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करते हुए औरंगाबाद के भागवत कराड को नामित किया था। इसी तरह, शिवसेना ने प्रियंका चतुर्वेदी को नामित किया जिसके बाद शिवसेना के ही वरिष्ठ नेता चंद्रकांत खैरे ने नाराजगी व्यक्त की थी।

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