
शिवसेना-बीजेपी-रिपब्लिकन महायुति ने आज मुंबई महानगरपालिका चुनाव के लिए अपना वचननामा जारी किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की कि बेस्ट बसों में लाड़ली बहनों को टिकट दर में ५० प्रतिशत की छूट दी जाएगी। साथ ही अगले पांच वर्षों में मुंबई को पागड़ी-मुक्त, झोपड़पट्टी-मुक्त और प्रदूषण-मुक्त बनाने का वादा किया गया है। महायुति ने मुंबई से बाहर गए मूल मुंबईकरों को सम्मान के साथ वापस लाकर उन्हें उनका हक का घर देने का भी संकल्प लिया है। (Shiv Sena BJP Republican alliance has released its manifesto promising a 50% discount for women on BEST buses)
अगले पांच वर्षों में मुंबई को विश्व-स्तरीय शहर बनाने का आश्वासन
एकनाथ शिंदे ने कहा कि अगले पांच वर्षों में मुंबई को विश्व-स्तरीय शहर बनाया जाएगा। मराठी भाषा, मराठी संस्कृति और मराठी अस्मिता की रक्षा महायुति की प्राथमिकता रहेगी। मुंबई में ४० लाख किफायती घर, 20 हजार पुरानी इमारतों को ओसी, पागड़ी इमारतों का पुनर्विकास, फनेल जोन प्रभावित इमारतों का पुनर्विकास, क्लस्टर योजना और १ लाख १० हजार मिल मजदूरों को घर देने का वादा किया गया है। उन्होंने कहा कि पुनर्विकास की सभी अड़चनें दूर कर दी गई हैं और आने वाले पांच वर्षों में मुंबई में तेज़ी से पुनर्विकास होगा, जिससे खतरनाक इमारतों में रहने वालों को सुरक्षित और आधुनिक फ्लैट मिलेंगे।
महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण देने की घोषणा
महायुति ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को ५ लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण देने की घोषणा की है। मुंबई के पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए १७ हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही मुंबई को रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों से मुक्त करने का संकल्प भी लिया गया है। मराठी सिनेमा के लिए मल्टीप्लेक्स, तीन नए नाट्यगृह, एआई आधारित भ्रष्टाचार-मुक्त मुंबई का लक्ष्य भी वचननामे में शामिल है।
हमारे पास विकास का एजेंडा और उनके पास सिर्फ तंज और घोटाले– शिंदे का उबाठा पर हमला
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उबाठा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने मराठी भाषा और मराठी समाज के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि महायुति हमेशा मराठी लोगों के साथ खड़ी रही है, जबकि विरोधियों के पास केवल तंज कसना और आरोप करना हैं।शिंदे ने बताया कि २०२९ में बीएमसी की जमा राशि ७६,५७९ करोड़ रुपये थी। २०२२ तक यह बढ़कर ९१,६९० करोड़ रुपये हो गई। आज २०,१६६ करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद बीएमसी की जमा राशि ८०,४१५ करोड़ रुपये है। उन्होंने सवाल उठाया कि पहले जनता का पैसा कहां जाता था।
वचननामे की प्रमुख घोषणाएं
महायुति ने दावा किया कि यह वचननामा मुंबई को एक आधुनिक, सुरक्षित और समृद्ध शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
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