शिवसेना को 144 सीटें नहीं तो गठबंधन मुश्किल- दिवाकर रावते

शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्य के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने कहा की अगर शिवसेना को 144 सीटें नहीं मिलती है तो बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन टूट सकता है।

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जैसे जैसे राज्य में होनेवाले विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे है वैसे वैसे एक बार फिर से बीजेपी और शिवसेना में तनातनी दिख रही है।  जहां पहले मुख्यमंत्री की सीट को लेकर बीजेपी और शिवसेना में जुबानी जंग चली तो वही अब सीट को लेकर दोनों ही पार्टियां एक बार फिर से आमने सामने दिख रही है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्य के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने कहा की अगर शिवसेना को 144 सीटें नहीं मिलती है तो बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन टूट सकता है।  

50-50 का फॉर्मूला

जहां एक ओर कांग्रेस और एनसीपी में सीट बंटवारे को लेकर फैसला हो गया है तो वही दूसरी ओर बीजेपी और शिवसेना में अभी तक सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बनी है। कांग्रेस और एनसीपी 125-125 सीटों पर चुनाव लड़ेगे, जबकी बाकी के 38सीटों सहयोगियों के लिए छोड़ी जाएगी। शिवसेना की मांग है की राज्य के 288 सीटों में से शिवसेना को 144 सीट मिले और बाकी के 144 सीटों पर बीजेपी और सहयोगी पार्टियां चुनाव लड़े।

बीजेपी ने दिया था 135 सीटों का ऑफर

बीजेपी ने शिवसेना को 135 सीटों का ऑफर दिया था।  बीजेपी ने शिवसेना को 135 सीटो के साथ साथ खुद भी 135सीटों पर लड़ने का इरादा किया था। बाकी के 18सीटों पर गठबंधन पार्टियों को सीट देने की बात बीजेपी ने भई की थी। हालांकी शिवसेना को ये प्रस्ताव पसंद नहीं आया। शिवसेना चाहती है की उसे 144 सीटें मिले और बाकी के सीट पर बीजेपी और गठबंधन पार्टियां लड़े।

नारायण राणे का भी विरोध

पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने अपने स्वाभिमान पार्टी को बीजेपी में विलय करने की बात कही है। नारायण राणे की इस बात का विरोध शिवसेना ने किया है। शिवसेना ने कहा है की अगर नारायण राणे की पार्टी बीजेपी में शामिल होते है तो वह नारायण राणे और उनके बेटे के लिए प्रचार नहीं करेंगे। 

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