मराठा आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पारित!

कांग्रेस और एनसीपी ने इस बिल का किसी भी तरह से विरोध नहीं किया

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मराठा समाज को 16 फिसदी आरक्षण देने का बिल महाराष्ट्र विधानसभा और विधानपरिषद में सर्वसम्मति से पास हो गया। फडणवीस सरकार ने इस संबंध में बिल का ड्राफ्ट कॉपी सार्वजनिक कर दी थी और इसके बाद दोपहर बाद लाए गए बिल को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। सरकार ने मराठा समाज को SEBC के तहत आरक्षण दिया है।


पिछड़ा वर्ग आयोग ने दी थी रिपोर्ट

15 नवंबर को महाराष्ट्र पिछड़ा वर्ग आयोग ने मराठों को 16 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश की थी। इस मामले में आयोग ने अपनी रिपोर्ट भी सरकार को सौंप दी थी। महाराष्ट्र में 30 फीसदी आबादी मराठों की है, इसलिए उन्हें सरकारी नौकरी में आरक्षण दिए जाने की जरूरत है।

किसी भी पार्टी ने नहीं किया विरोध

मराठा समाज को आरक्षण देने के प्रस्ताव का किसी भी पार्टी ने विरोध नहीं किया। बीजेपी के साथ साथ कांग्रेस , एनसीपी और शिवसेना ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने आरक्षण पर पिछड़े वर्ग आयोग की सिफारिश रिपोर्ट विधानसभा में पेश कर दी थी।

आगे की क्या है प्रक्रिया

विधानसभा से मराठा आरक्षण विधेयक मंजूर होने के बाद इससे राज्यपाल के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा, फिर राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। राष्‍ट्रपति की मुहर लगते ही राज्य में मराठा आरक्षण लागू हो जाएगा।

क्या है रिपोर्ट की मुख्य बात

सर्वेक्षण में शामिल 45 हजार परिवारों के पास उपलब्ध सरकारी कागजों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है पहले कई मराठा परिवारों के पास जमीनें थीं, लेकिन पारिवारिक विघटन और आर्थिक परिस्थियों के चलते कई परिवार जमीन विहीन हो गए। कई परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं।


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