आदित्य ठाकरे वर्ली विधानसभा से लड़ सकते हैं चुनाव

अब जबकि सचिन शिवसेना में चले गये हैं तो यह सीट आदित्य के लिए छोड़ दी गयी है और सचिन को भायखला सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है या फिर विधानपरिषद् भेजा जा सकता है।

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एनसीपी के नेता और मुंबई अध्यक्ष सचिन अहिर के शिवसेना में प्रवेश लेने के बाद अब वर्ली विधानसभा क्षेत्र से युवा सेना प्रमुख आदित्य ठाकरे चुनाव लड़ सकते हैं। इस बार के विधानसभाक चुनाव में आदित्य ठाकरे के भी लड़ने की चर्चा जोरो पर है, लेकिन इन्हें कौन सी सीट से उतारा जाए इसका निर्णय नहीं हो पा रहा था। अब जबकि सचिन अहिर शिवसेना में शामिल हो गये हैं तो इस इलाके से आदित्य ठाकरे चुनावी आगाज कर सकते हैं। शिवसेना इस सीट को सुरक्षित मान कर चल रही है। सचिन अहिर वर्ली से दो बार जीत कर विधानसभा पहुंचे हैं, इस क्षेत्र में इनकी काफी पकड़ है।

शिवसेना का डर 
लोकसभा चुनाव में शिवसेना-बीजेपी ने चुनाव मिल कर लड़ा था और बंपर वोटों से जीत हासिल की थी और अब आने वाले विधनसभा चुनाव में भी साथ मिल कर लड़ने की बात कह चुके हैं। लेकिन शिवसेना को आशंका है कि इस चुनाव में बीजेपी पहले से भी अधिक मजबूत हुई है और वह धोखा भी दे सकती है। इसीलिए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए शिवसेना पहले से तैयार बैठी है।

शिवसेना कर रही तैयारी 
साथ ही अपना जनाधार बढाने के लिए आदित्य प्रदेश में 'जन आशीर्वाद यात्रा' भी कर रहे हैं। अब अगर मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों पार्टियों में पेंच फंसता है तो शिवसेना की तरफ से आदित्य ही सीएम का फेस होंगे। यही नहीं स्थिति से निपटने के लिए शिवसेना ने अपना इतिहास तक बदल सकती है, क्योंकि ठाकरे परिवार से आज तक कोई भी शख्स चुनाव नहीं लड़ा है लेकिन लगता है आदित्य ठाकरे इस बार इस परिपाटी को बदलने की मूड में है।

शिवसेना की तलाश हुई पुरी
इसे ही देखते हुए शिवसेना किसी सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र की तलाश में थी। वर्ली के अलावा माहिम, शिवड़ी या फिर बांद्रा वह इलाका हो सकता था जहां से आदित्य चुनाव लड़ सकते थे। कुछ दिन पहले इस मुद्दे को लेकर एक बैठक भी हुई थी, इस बैठक में वर्ली के वर्तमान विधायक और शिवसेना नेता सुनील शिंदे ने अपनी सीट छोड़ने की बात भी कही थी, क्योंकि शिवसेना को सचिन अहिर से डर था। हालांकि सुनील ने सचिन अहिर को हर कर इस सीट पर जीत दर्ज किया था। सचिन इस सीट से दो बार विधायक चुने गये हैं। इस इलाके में उनकी अच्छी पकड़ बताई जाती है।

लेकिन अब जबकि सचिन शिवसेना में चले गये हैं तो यह सीट आदित्य के लिए छोड़ दी गयी है और सचिन को भायखला सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है या फिर विधानपरिषद् भेजा जा सकता है।

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