घर खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, दिवालिया कानून से ग्राहकों की मिली राहत


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केंद्र सरकार ने बिल्डर के दिवालिया होने संबंधी कानून में बदलाव करते हुए ग्राहकों को भी राहत देने की कोशिश की है। नियमों के मुताबिक अब अगर कोई बिल्डर अपने आप को दिवालिया घोषित करता है तो नए नियमों के मुताबिक उसकी प्रॉपर्टी को बेच कर ग्राहकों के पैसों को चुकाया जायेगा। इसके पहले सिर्फ बैंक ही प्रॉपर्टी बेच कर अपने नुकसान की भरपाई करती थी।


क्यों बना यह कानून?

पहले इस नियम के मुताबिक दिवालिया हो चुके बिल्डरों के प्रॉपर्टी की नीलामी के बाद जो रकम हासिल होती थी उसमें से बैंकों के नुकसान की भरपाई की जाती थी, लेकिन अब नए नियमों के मुताबिक अब इन पैसों से उन ग्राहकों के नुकसान की भी भरपाई करनी होगी जिन्होंने अपने खून पसीने की कमाई को घर के लालच में बिल्डर को दिया था। इस तरह की मांग पिछले कई सालों से रही थी।

 बिल्डरों की इस जालसाजी का शिकार कई ग्राहक हो चुके हैं। घर के नाम पर कई बिल्डर लोगों से पैसो की उगाही करते, बाद में बिल्डर अपने आप को दिवालिया घोषित कर लेते थे. जिसके बाद बैंक कार्रवाई करती थी। इस पूरे मामले में ग्राहकों का पैसा तो डूबता ही था साथ ही उन्हें घर भी नहीं मिलता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।


नया कानून क्या है?


इस तरह के कई मामलों की शिकायत के बाद सरकार ने दिवालिया कानून में संसोधन करने के लिए एक सुधार समिति की स्थापना की। इस समिति ने सभी पक्षों पर ध्यान देते हुए यह तय किया कि अब ऐसे बिल्डरों पर नकेल कसी जायेगी। ऐसे बिल्डरों के प्रॉपर्टी को नीलाम किया जायेगा साथ ही उस पैसों से ग्राहकों और बैंकों के नुकसान की भरपाई की जाएगी।

अब तक ग्राहक ऐसे बिल्डरों से काफी परेशान थे। इस मामलों में ग्राहकों को ही आर्थिक नुकसान होता था। लेकिन अब कानून बन जाने के बाद ग्राहकों को राहत मिली है। हम इस नियम का स्वागत करते हैं।
- रमेश प्रभू, अध्यक्ष, महाराष्ट्र सोसायटीज वेलफेयर असोसिएशन

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