'बिल्डर द्वारा घर की किश्त भरने जैसे लोक लुभावन झांसे में न फंसे ग्राहक'

इसी आकर्षक ऑफर के चक्कर में फंस कर एक ग्राहक ने बिल्डर की शिकायत महारेरा से की है। जिसके बाद महारेरा ने अपने फैसले में बिल्डर को आदेश दिया है कि वो ग्राहक का सारा पैसा वापस करे।

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मुंबई में महंगे घरों को खरीदना अच्छे अच्छों के बजट के बाहर है। इसी का फायदा उठा कर बिल्डर भी लोगों को अपने झांसे में फांस लेते हैं और लोक लुभावने विज्ञापन में ग्राहक भी उनके चंगुल में फंस जाते हैं। इसी आकर्षक ऑफर के चक्कर में फंस कर एक ग्राहक ने बिल्डर की शिकायत महारेरा से की है। जिसके बाद महारेरा ने अपने फैसले में बिल्डर को आदेश दिया है कि वो ग्राहक का सारा पैसा वापस करे।

क्या है मामला?

भावेश श्रीवास्तव नामके शख्स ने गोरेगांव वेस्ट स्थित इप्टोम रेजीडेंसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा निर्माण किये गए इम्पीरियल हाईट्स में एक फ़्लैट बुक कराया था। शख्स के मुताबिक़, बिल्डर ने कहा था कि जब तक घर का पजेशन नहीं मिलेगा तब तक बैंक को घर की किश्त बिल्डर द्वारा ही दी जाएगी। इसी शर्त पर भावेश ने घर बुक कराया था और बैंक से लोन लेकर बिल्डर को 20 लाख रुपये भी दिए थे।

लेकिन कुछ दिन बाद ही भावेश को बैंक लोन की किश्त भरने का नोटिस आने लगा। बैंक वाले किश्त भरने के लिए भावेश को बार-बार फोन करके परेशान करने लगे। बिल्डर को उसके द्वारा किया गया वादा याद दिलाने पर भी बिल्डर ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद भावेश ने बिल्डर को फ़्लैट की बुकिंग रद्द करने को कहा, लेकिन बिल्डर ने इस बार भी भावेश की बात पर ध्यान नहीं दिया। आखिरकर बिल्डर की हरकतों से तंग आकर भावेश ने महारेरा की शरण ली।

महारेरा ने अपनी सुनवाई में बिल्डर को फटकार लगाते हुए कहा कि घर का पजेशन नहीं मिलने तक घर की किश्त बिल्डर द्वारा भरने की बात समझ से परे है, यह केवल एक कोरा आश्वासन है। इसके बाद महारेरा ने बिल्डर को भावेश के सारे पैसे ब्याज सहित लौटने का आदेश दिया।

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