ओसी नहीं होने पर भी सोसायटी होंगी रजिस्टर्ड

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ओसी नहीं होने पर भी सोसायटी होंगी रजिस्टर्ड

मुंबई - उन फ्लैट धारकों के लिए खुशखबरी हैं जिनके पास ओसी नहीं होने पर उनके सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का काम रुका हुआ है। अब सहकारी गृहनिर्माण सोसायटी के रजिस्ट्रेशन के लिए फ्लैट धारकों को अधिक दौडभाग नहीं करनी पड़ेगी। इस सम्बन्ध में सरकार की तरफ से एक जीआर निकाला गया है जिसके अनुसार अगर सोसायटी की ओसी नहीं  होने पर भी रजिस्ट्रार के पास सोसायटी रजिस्टर्ड हो जायेगी। सरकार के इस आदेश का तमाम सोसायटीयों और इस क्षत्र में कार्य करने वाले संगठनों ने स्वागत किया है।

अब तक बिल्डिंगों के 60 फीसदी दुकानें और 60 फीसदी घरों के बिकने पर ही सोसायटियां रजिस्टर्ड होती थी और उसके लिए अनेक कागजी खानापूर्ति करनी पड़ती थी। इस कागजी खानापूर्ति में ओसी (ओक्युपेशन सर्टिफिकेट) भी शामिल है। तमाम बिल्डरों के द्वारा ओसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती थी,इसीलिए ओसी नहीं होने के कारण सोसायटी के रजिस्ट्रेशन का कार्य रुक जाता था। जिसे लेकर कई शिकायतें सरकार के पास की गयी थी,क्योंकि बिल्डर के लापरवाही का खामियाजा सोसायटियां और फ्लैट धारक भुगत रहे थे। ओसी नहीं होने से फ्लैट का हस्तांतरण सहितअन्य ऐसे कई लाभ और सुविधाएँ थी, जिन्हें सोसायटी नहीं उठा पाती। सरकार के इस नये जीआर से अब सोसायटी ने राहत की सांस ली है।

आंकड़ों की शर्त घटी ...
अब तक पुरानी शर्त के अनुसार बिल्डिंग के 60 फीसदी दुकानें और फ्लैट बिकने पर ही सोसायटी रजिस्टर के लिए उपयुक्त होती थी लेकिन अब नये नियम के अनुसार इस शर्त को घटाकर 51 फीसदी कर दिया गया है। मतलब 51 फिसदी घर और दूकान बिकने पर सोसायटी का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा।

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