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भारतीय पूंजी बाजार नियामक प्राधिकरण (सेबी) ने हाल ही में बोर्ड बैठक में यूनिवर्सल स्टॉक एक्सचेंज को मंजूरी दे दी है। इस मंजुरी के कारण स्टॉक एक्सचेंजों पर स्टॉक्स और कमोडिटीज़ का कारोबार किया जाएगा। यह एक बड़ा निर्णय माना जाता है । भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा है कि यूनिवर्सल स्टॉक एक्सचेंज अक्टूबर 2018 से प्रभावी होगा।

क्रॉस लिस्टिंग आसान
यूनिवर्सल स्टॉक एक्सचेंज के निर्माण के कारण, एक ही समय में स्टॉक्स और कमोडिटीज को साथ में लिस्टींग कराया जा सकता है। सेबी के बोर्ड की बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें क्रॉस-शेयरहोल्डिंग का मुद्दा महत्वपूर्ण था।

क्रोस शेयरहोल्डिंग कैप
सेबी म्यूचुअल फंड के लिए 10 प्रतिशत क्रोस शेयरहोल्डिंग कैप माना जाता है। इस निर्णय का परिणाम यूटीआई परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों पर होने की संभावना है। म्यूचुअल फंड कंपनियां जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन का यूटीआईएएम में 18.24% हिस्सा है

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