मिसाल: टैक्सी ड्राइवर पिता और बेटे ने साथ पूरा किया ग्रेजुएशन


SHARE

कहते हैं 'सीखने की कोई उम्र नहीं होती, इसे साबित किया है मोहम्मद फारूक शेख ने। एनडीटीवी में छपी खबर के मुताबिक करीब 50 से अधिक बसंत देख चुके मोहम्मद फारुख शेख पेशे से टैक्सी ड्राइवर हैं मुफलिसी में जीवन गुजारने वाले फारुख ने उम्र के इस पड़ाव पर आकर स्नातक की उपाधि प्राप्त की, यही नहीं इनके बेटे हाजिम फारुख शेख ने भी डिग्री की पढ़ाई पूरी कर स्नातक की उपाधि प्राप्त की


गरीबी के कारण छोड़ी पढ़ाई

एनडीटीवी के रिपोर्ट के अनुसार कभी गरीबी के कारण फारुख मात्र 10वीं तक ही पढ़ाई कर पाए थे घर की जिम्मेदारियों और गरीबी के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़ना पड़ाइसके बाद उन्होंने बैंक में क्लर्क का काम शुरू किया लेकिन वह भी अधिक दिनों तक नहीं चल पाया। फिर उन्होंने टैक्सी सीखी और अपने परिवार का पेट पालने लगे 

सप्ताह के अंत में जाते कॉलेज

फारुख के मुताबिक पढ़ाई को लेकर उनके मन में इच्छा कई दिनों से थी। उनका बेटा हाजिम मुंबई यूनिवर्सिटी से डिग्री की पढाई कर रहा था तो उन्होंने वाई बी चव्हाण कॉलजे में दाखिला लिया। लेकिन काम और पढ़ाई के बीच समय को लेकर काफी परेशानी आती, इसीलिए फारुख रात को पढ़ते और इस काम में उनकी सहायता करते हाजिम। रात को वे देर तक पढाई करते और सप्ताह के अंत में कॉलेज जाते।

अब पूरा करेंगे एमकॉम 

हाजिम कहते हैं कि जब वे कॉलेज जाते तो शिक्षक और अन्य छात्र उन्हें 'चाचा' कह कर बुलाते और शिक्षक उनके बेटे की उम्र के थे शुरू शुरू में उन्हें थोड़ा झिझक हुई लेकिन बाद में सब सामान्य हो गया। डिग्री मिलने के बाद फारुख काफी खुश हैं, उन्हें ख़ुशी है कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है फारुख को जहां 46 प्रतिशत मिले हैं तो वहीं उनके बेटे को ने 56 प्रतिशत अंक आएं हैं। पढ़ाई को लेकर अब फारुख की इच्छा और भी प्रबल हो गयी है वे कहते हैं कि मैं खुश हूं कि मैंने ग्रेजुएशन पूरा कर लिया। मेरा एक्साइटमेंट पढ़ाई की ओर और बढ़ गया है। अब मैं एमकॉम करना चाहता हूं। 

संबंधित विषय
ताजा ख़बरें