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बांद्रा के कराची बेकरी वाले को शिवसेना नेता की धमकी, कहा- 'दूकान का नाम बदलो वर्ना'

नितिन नंदगावकर के विरोध के बाद दुकानदार ने अपनी दुकान के बोर्ड पर कागज लगा दिया।

बांद्रा के कराची बेकरी वाले को शिवसेना नेता की धमकी, कहा- 'दूकान का नाम बदलो वर्ना'
Credit: ANI
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अक्सर मराठी भाषा और क्षेत्र को लेकर मुखर रहने वाले शिवसेना नेता नितिन नंदगावकर (shivsena leader nitin nandgaokar) एक बार फिर चर्चा में हैं। नितिन नंदगावकर (nitin nandgaokar) का एक वीडियो वायरल हुआ है। इस विडिओ में नितिन नंदगावकर एक दुकानदार को धमकी देते हुए उसके दूकान का नाम बदलने की बात कह रहे हैं। इस दूकान का नाम है 'कराची बेकरी' (karachi sweets)। यह दूकान बांद्रा वेस्ट में स्थित है। नितिन नंदगावकर के विरोध के बाद दुकानदार ने अपनी दुकान के बोर्ड पर कागज लगा दिया। 

इस वीडियो के वायरल होने के बाद जब शिवसेना (shivsena) पर सवाल उठने शुरू हुए तो पार्टी ने इस पूरे मसले से ही अपना पल्ला झाड़ लिया और इसे नितिन नंदगावकर का व्यक्तिगत विचार बताया।

इस वीडियो में वे नितिन नंदगावकर दुुकानदार पर कराची बेकरी का नाम बदलने का दबाव डाल रहे हैं। वीडियो में नितिन नंदगावकर ने दुकान मालिक को धमकाते हुए कहा कि 'आपको यह करना होगा, हम इसके लिए आपको समय दे रहे हैं। 'कराची' को हटाकर इसे मराठी भाषा में दूसरा नाम लिखा जाए।'

इसी कड़ी में शिवसेना नेता नेता नितिन नंदगावकर ने कराची बेकरी के मालिक को धमकाया और कहा कि तय समय के अंदर वे अपने नाम के आगे से कराची हटा लें। पार्टा का कहना है कि कराची नाम की कोई भी दूकान मुंबई में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दुकानदार को धमकाने वाला उनका यह वीडियो सोशल मीडिया (social media) पर वायरल हो गया है।

नांदगांवकर का कहना है कि, कराची नाम की कोई भी मुंबई में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्योंकि कराची पाकिस्तान में हैं जो आंतकवादियों का गढ़ है और यही आतंकी हमारे जवानों पर हमला करते हैं।

अब इस मामले में कांग्रेस के नेता संजय निरुपम (sanjay nirupam) भी कूद गए हैं। निरुपम ने ट्वीट करते हुए शिवसेना पर हमला बोला और कहा कि, जैसे भारत के चाइनीज होटलों का चीन से कोई लेना-देना नहीं है, वैसे ही बांद्रा के कराची स्वीट्स का पाकिस्तान से कोई नाता नहीं है।

उन्होंने आगे कहा, 'भारत के चाइनीज होटलों का चीन से कोई लेना-देना नहीं है, वैसे ही बांद्रा के कराची स्वीट्स का पाकिस्तान से कोई नाता नहीं है। यह सत्य शिवसेना के बेवकूफ कार्यकर्ता कब समझेंगे? 70 साल पुरानी दुकान का नाम बदलने की जो धमकी दी गई है, वो गलत है। मुख्यमंत्री तमाशा न देखें, उसकी रक्षा करें।'

वैसे अगर दूकान की बात करें तो, यह दूकान 70 साल पुरानी है। और भारत में कराची बेकरी की कई सारी ब्रांच भी है। इसके मालिक बंटवारे के समय भारत आ गए थे और उन्होंने यहां कराची बेकरी के नाम से अपनी दूकान खोली। आज कराची बेकरी किसी पहचान की मोहताज नहीं है।

और अगर नितिन नांदगांवकर की बात करें तो,नितिन अक्सर मराठी मुद्दे को लेकर मुखर रहते हैं और फेसबुक लाइव के जरिये लोगों तक अपनी बात रखते हैं।

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