हैरान कर देने वाले इनके करतब

चेंबुर - दिव्यांग कलाओं से परिपूर्ण होते हैं, चेंबुर की नैसीओ संस्था दिव्यांग लड़को के लिए काम करती है। इस संस्था ने युवा दिव्यांगों को उनकी कला को उभारने का अवसर दिया है। इस संस्था ने रोटरी क्लब की सहायता से दिव्यांगों के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया। कलाओं से भरपूर इन दिव्यांगो ने कहीं रंगोली बनाई तो कहीं अपने डांस से लोगों का मन मोह लिया। किसी ने कढ़ाई में अपना हुनर दिखाया तो किसी ने पेंटिंग में...तबला तो इन्होने ऐसे बजाया मानों तबला बजाने में इन्होने महारत हासिल कर लिया हो। इन दिव्यांगो ने इस कार्यक्रम में ये साबित कर दिया की दिव्यांग भी किसी से पीछें नहीं..इन्हे किसी की सहाभुती की नहीं बल्की मौके की तलाश है...आखिर दिव्यांग का मतलब ही दिव्य अंग होता है।

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