रेलवे कर्मचारी ने ट्रेन में यात्री का छूटे लाखो रूपये से भरे बैग को लौटाया


  • रेलवे कर्मचारी ने ट्रेन में यात्री का छूटे लाखो रूपये से भरे बैग को लौटाया
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कौन कहता है कि दुनिया से ईमानदारी और इंसानियत मर गयी है। अभी भी ऐसे लोग हैं जिनके अंदर ईमानदारी और इंसानियत कूट-कूट कर भरी है, इनमे से एक हैं मुंबई रेलवे में काम करने वाले सतीश पवार। मुंबई सेंट्रल कारशेड में बतौर टेक्निशन काम करनेवाले सतीश पवार ने एक यात्री के ट्रेन में छूटे लगभग 3.57 लाख रुपये लौटा कर एक मिसाल कायम की है।



क्या था मामला?

सतीश पवार शुक्रवार की रात को काम पर छूटने के बाद घर जाने के लिए मांटुगा रोड से चर्चगेट की ओर जानेवाली लोकल पकड़ी। रात करीब 10 बजे के आसपास महालक्ष्मी स्टेशन पर कई यात्री उतर गए, तभी सतीश की नजर एक बैग पर पड़ी। बैग के आसपास कोई यात्री उन्हें नजर नहीं आया, उन्होंने कोच में मौजूद यात्रियों से बैग के बारे में पूछा। कोई जवाब न मिलने पर वह बैग लेकर मुंबई सेंट्रल उतर गए। 


बैग में थे लाखो रूपये  

सतीश ने सुरक्षित बैग को मुंबई सेंट्रल के स्टेशन मास्टर को दे दिया। जब स्टेशन मास्टर किशोर कुशवाहा सतीश पवार और कुछ और कर्मचारियों की उपस्थिति में बैग को खोला तो सभी की आंखें फटी की फटी रह गयी। बैग गहनों और नोटों के बंडल से भरा हुआ था यही नहीं उसमें एक डायरी भी मिली जिसमें एक देवांग शाह नामके एक शख्स का मोबाइल नंबर लिखा था। जब नोटों को गिना गया तो उसमें 3.57 रूपये थे। बैग को जमा करने के बाद उसके मालिक देवांग शाह को बुलाया गया। 


नहीं लिया इनाम का पैसा 

रात करीब एक बजे देवांग शाह स्टेशन पहुंचे। उन्हें आरपीएफ और सतीश की मौजूदगी में बैग सौंप दिया गया। सबके सामने शाह ने पवार को 40 हजार रुपये इनाम देने की पेशकश की, लेकिन सतीश ने इनाम लेने से मना कर दिया। अब रेलवे सतीश की इस ईमानदारी पर खुश होकर उन्हें एक हजार रुपये का पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र देने का फैसला किया है। 

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