एलफिंस्टन हादसे को न्योता देता जोगेश्वरी स्टेशन

वेस्टर्न रेलवे में अभी और भी ऐसे स्टेशन हैं जो एल्फिंस्टन हादसे की पुनरावृत्ति दोहरा सकते हैं। इनमे से एक है जोगेश्वरी रेलवे स्टेशन। जहां इस तरह के हादसे कभी भी हो सकते हैं।

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एलफिंस्टन भगदड़ हादसे में 24 लोगों की मौत हो गयी थी। इस हादसे से सबक लेते हुए रेलवे मंत्रालय के साथ साथ महाराष्ट्र सरकार ने यह आश्वासन दिया था कि अब आगे से इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए नए ब्रिज तो बनाये जाएंगे साथ ही जो पुल बने हुए हैं उसकी भी चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। इस निर्णय के बाद से महाराष्ट्र सरकार ने सेना की मदद से एलफिंस्टन ब्रिज और करी रोड ब्रिज के साथ साथ अम्बीवली रेलवे स्टेशनों पर भी ब्रिज बना रही है।


जोगेश्वरी भविष्य का एल्फिंस्टन?

लेकिन वेस्टर्न रेलवे में अभी और भी ऐसे स्टेशन हैं जो एल्फिंस्टन हादसे की पुनरावृत्ति दोहरा सकते हैं। इनमे से एक है जोगेश्वरी रेलवे स्टेशन। जहां इस तरह के हादसे कभी भी हो सकते हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि एक जागरूक महिला गायत्री राहुल ने कुछ तस्वीर ट्वीटर पर पोस्ट की है। इस तस्वीर में जो नजर आ रहा है वह वाकई में एलफिंस्टन रेलवे हादसे की तस्वीर की याद को ताज कर देने वाला है।

गायत्री ने पोस्ट में लिखा है कि रेलवे के द्वारा जो फाटक बनाया गया था वह बंद हो गया। पुलिस लोगों की मदद कर रही है अच्छी बात है, लेकिन सीढ़ियों की चौड़ाई कब बढ़ेगी? आज बंदोबस्त है लोग कतार में जा रहे हैं। कल के दिन एलफिंस्टन वाली घटना नहीं होनी चहिए।



घट सकता है हादसा?

इस तस्वीर में जोगेश्वरी स्टेशन में यात्रियों की भीड़ जमा है जो ब्रिज पर चढ़ना चाहते हैं। भीड़ काफी अधिक है जबकि ब्रिज पर चढ़ने के लिए जो सीढ़ियां बनीं हैं वे संकरी हैं। सीढ़ियों पर चढ़ने के लिए यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। यह गनीमत रही कि रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाल लिया और यात्रियों को एक कतार में चढ़ने और उतरने को कहा। इस स्थिति से हालत जल्द नियंत्रण में आ गए। इस स्टेशन पर दो ही सीढ़ी है और दोनों का यही हाल है।


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आने जाने के लिए मात्र संकरी सीढ़ियां 

आपको बता दें कि प्लेटफॉर्म नंबर एक के करीब स्थित सड़क और रेलवे पटरी के बीच एक दिवार बनी है। दिवार का कुछ भाग टुटने से कुछ गैप बना हुआ था। लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर रेलवे लाइन क्रॉस करके कूद फांद कर इसी टूटे हुए गैप से लोग आते जाते थे, लेकिन इस गैप को बंद कर देने के कारण यत्रियों को मजबूरन सीढ़ियों पर चढ़ना पड़ा जिससे भीड़ बढ़ती गयी।


ट्रेनों के आने से बढ़ती है भीड़ 

गौरतलब है कि जोगेश्वरी रेलवे स्टेशन पर इस समय हार्बर लाइन बिछाने का काम चल रहा है जो कि लगभग पूरा हो चूका है। इस रेलवे लाइन काम के लिए जोगेश्वरी वेस्ट की तरफ जो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बना हुआ था उसे तोड़ दिया गया। प्लटफॉर्म तोड़ देने के बाद प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो के यात्री एक ही प्लेटफॉर्म पर उतरते हैं, बड़ी गड़बड़ यह है कि इस प्लेटफॉर्म की चौड़ाई काफी कम है। अगर एक और दो प्लेटफॉर्म पर ट्रेन एक साथ आती है तो यात्रियों की भीड़ इतनी अधिक हो जाती है कि यात्रियों का प्लेटफॉर्म पर चलना तक मुश्किल हो जाता है। इस भीड़ से स्कूल जाने वाले बच्चों और महिलाओं सहित अन्य आने जाने वाले यात्रियों को भी काफी परेशानी होती है।

मैं रोज दादर से सब्जी लेकर सुबह 8 से 9 बजे तक जोगेश्वरी स्टेशन आ जाता हूँ, हालांकि दादर से यहां आने में मुझे उतना परेशानी नहीं होती जितना परेशानी मुझे स्टेशन से बाहर निकलने में होती है। स्टेशन पर भीड़ अधिक होने के कारण सामान साथ लेकर चलना काफी मुश्किल हो जाता है। कई बार भीड़ और धक्के से तो मेरी सब्जियां प्लटफॉर्म पर गिर पड़ी हैं।

पिंटू शेख, सब्जी विक्रेता


रेलवे करे उपाय 

गौरतलब है कि जब एलफिंस्टन हादसा हुआ था उस समय भी भीड़ काफी बढ़ गयी थी और सीढ़ियाँ संकरी थी जिससे एक झूठी अफवाह से भगदड़ मच गयी और हादसा घटित हो गया। बिलकुल वही दृश्य यहाँ भी नजर आती है।हालांकि रेलवे द्वारा जोगेश्वरी स्टेशन पर एक और ब्रिज बनाया जा रहा है लेकिन अभी वह निर्माणाधीन है उसे बनने में समय लगेगा, लेकिन तब तक रेलवे को कुछ को कुछ ऐसे उपाय करना ही पड़ेगा जिससे यात्री आराम से स्टेशन से बाहर निकल और आ सकें, एल्फिंस्टन हादसे की तरह यहां कुछ न घटे।

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