माटुंगा रेलवे स्टेशन का नाम लिम्का बुक रिकॉर्ड में दर्ज !

ए सुरेखा भोसले-यादव ने 1988 में मध्य रेलवे पर पहली महिला ट्रेन चालक बनने का नया रिकार्ड बनाया था।

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जुलाई 2017 में माटुंगा रेलवे स्टेशन को संचालित करने के लिए 34 महिलाओं की नियुक्ति की गई थी। इसके साथ ही भारपत में माटुंगा रेलवे स्टेशन सिर्फ महिलाओं द्वारा संचालित किया जानेवाला देश का पहला स्टेशऩ बन गया। हालांक माटुंगा स्टेशन का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज कर लिया गया है।


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सेंट्रल रेलवे के माटुंगा स्टेशन ने 2018 में लिम्का बुक विश्व रिकॉर्ड लिम्का में प्रवेश किया है। 41 महिलाओं द्वारा संचालित की जानेवाली माटुंगा स्टेशन को भारत के पहले महिला स्टेशन के रुप में स्वीर किया गया है। सीआर महाप्रबंधक डी.के. शर्मा ने यह अनूठी पहल की है। कुल 41 महिला कर्मचारियों को विभिन्न विभागों जैसे ऑपरेशन और वाणिज्य (17), रेलवे फोर्स (6), टिकट जांच (8), आरपीएफ पुलिस (6), घोषणा (2), संरक्षण (2) और अन्य महिलाओं की नियुक्ति की गई है। प्रबंधक ममता कुलकर्णी को ये सारी महिलाए रिपोर्ट करती है। यह स्टेशन औपचारिक रूप से उन्हें 12 जुलाई, 2017 को सौंप दिया गया था।


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ममता कुलकर्णी सीआर रेलवे मुंबई डिवीजन द्वारा भर्ती की गई पहली महिला सहायक स्टेशन प्रबंधक है। महिला प्रवंधक होने के कारण यहां कार्य कर रही महिलाओं को भी किसी तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है।


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इससे पहले, भारतीय रेलवे के मुंबई क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाते हुए सुरेखा भोसले-यादव ने 1988 में मध्य रेलवे पर पहली महिला ट्रेन चालक बनने का नया रिकार्ड बनाया था जिसके बाद 1 99 2 में दुनिया की पहली 'लेडीज़ स्पेशल' उपनगरीय ट्रेन पश्चिम रेलवे में शुरु की गई।

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