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अजीब: ट्रेन के अलार्म चैन में सामान लटकाते हैं यात्री, जिससे लेट होती है ट्रेन

सामान वजन होने के कारण ट्रेन रुक जाती है जिससे ट्रेन विलंब से चलती है। मध्य रेलवे के मुताबिक मुंबई(mumbai) से निकलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में अनजाने में की गयी चेन पुलिंग (एसीपी) की संख्या में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

अजीब: ट्रेन के अलार्म चैन में सामान लटकाते हैं यात्री, जिससे लेट होती है ट्रेन
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मध्य रेलवे (central railway) से चलने वाली कई ऐसी ट्रेनें हैं जो पैसेंजर के कारण लेट होती हैं। मध्य रेलवे का कहना है कि कई यात्री ऐसे हैं जो अपने सामान को चैन पुलिंग (chain pulling) वाले 'अलार्म चैन' में लटका कर रखते हैं। सामान वजन होने के कारण ट्रेन रुक जाती है जिससे ट्रेन विलंब से चलती है। मध्य रेलवे के मुताबिक मुंबई(mumbai) से निकलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में अनजाने में की गयी चेन पुलिंग (एसीपी) की संख्या में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जबकि इस अनावश्यक चेन पुलिंग के कारण ट्रेन विलंब में 42 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मध्य रेलवे की मुंबई डिवीजन पुलिस ने अप्रैल 2019 और जनवरी 2020 के बीच एक अध्ययन किया था जिसमें पता चला था कि ट्रेनों के देरी से चलने का कारण यात्रियों द्वारा इन हैंडल यानि चैन पर अपना सामान लटकाए हुए होना था।

इस अध्ययन में कहा गया है कि अनजाने में चैन पुलिंग किये जाने से अप्रैल 2018 और जनवरी 2019 के बीच 1,658 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलम्ब हुईं, लेकिन इस पर रोक लगने के बजाय यह मामला अगले साल बढ़कर 2,357 हो गया।

रेलवे के एक अधिकारी ने  बताया कि, ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जहां एक सोते हुए यात्री का पैर गलती से इस चैन में चला गया जिससे चैन खींच गयी और ट्रेन रुक गई। 

अधिकारी ने आगे बताया कि, बहुत से मामलों में यह भी देखा गया है कि, इस चैन में यात्रियों ने अपने छोटे-मोटे बैग या फिर  खाने पीने के सामान को इन अलार्म चेन पर लटका कर रखते हैं, जिनके वजन से चैन पुलिंग होती है और ट्रेन रुक जाती है। इस तरह के चैन पुलिंग को ही अनजाने में की गयी चैन पुलिंग (ACPs) कहते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2018 और जनवरी 2019 के बीच एसीपिज की संख्या 1,068 थी जो अगले साल बढ़कर 1434 हो गई।

अधिकारी के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में 56 ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां यात्रियों ने गलती से अपना सामान लटका दिया था। इस तरह के मामले ठाणे में 154 मामले, कल्याण में 328 मामले सामने आए हैं।  

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