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रो-रो फेरी सेवा मार्च में होगी शुरू

रो-रो फेरी सेवा उपलब्ध कराने वाली जहाज बुधवार को मुंबई के बंदरगाह में दाखिल हो जाएगी। इस रो-रो सेवा से मुंबई से अलीबाग जाने वाले यात्रियों को काफी फायदा होगा।

रो-रो फेरी सेवा मार्च में होगी शुरू
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मुंबईकरों के लिए अच्छी खबर है। अब वे भी रो-रो फेरी (roro ferry) सेवा का आनंद जल्द ले सकेंगे। मुंबई (mumbai) के भाऊचा धक्का से लेकर अलीबाग (alibaugh) तक रो-रो फेरी (roro ferry) सेवा मार्च महीने के पहले हफ्ते में शुरू हो जाएगी। रो-रो फेरी सेवा उपलब्ध कराने वाली जहाज बुधवार को मुंबई के बंदरगाह में दाखिल हो जाएगी। इस रो-रो सेवा से मुंबई से अलीबाग जाने वाले यात्रियों को काफी फायदा होगा।

मुंबई से अलीबाग (mumnbai to alibaugh) तक जाने के लिए जल मार्ग (water transport) सबसे सस्ता और सुविधाजनक तरीका है। यही नहीं पिछले कई सालों से मुंबई से लेकर मांडवा तक आर-आर सेवा शुरू करने की मांग की जा रही थी। जो यात्री गेटवे (gateway) से मांडवा (mandva) तक और भाऊचा धक्का से लेकर रेवस तक आते जाते थे, उन्हें हर दिन यात्रा करने के लिए खुद का वाहन लाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। 

यह सेवा केंद्र सरकार की सागरमाला परियोजना (sagarmala project) के तहत शुरू की जा रही है, इसका नियंत्रण मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (mumbai port trust) के पास रहेगा। इसके लिए महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (maharashtra maritime board) द्वारा मंडावा में एक जेटी और टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है। कार्य का शुभारंभ केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (nitin gadkari) और तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (devendra fadnavis) ने किया था।

पढ़ें: गुजरात की रो रो फेरी सेवा को मुंबई तक बढ़ाने की योजना!

मांडवा में रो-रो टर्मिनल में 214X10 मीटर की जेट्टी, 30X30 का  प्लेटफॉर्म, 20X22 मीटर का फ्लोटिंग प्लांट, 360 मीटर का ब्रेकवाटर और 100X115 मीटर लंबी पार्किंग होंगी।

मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय भाटिया (sanjay bhatiya) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ग्रीस में 'एस्क्वायर शिपिंग' कंपनी ने जहाज का निर्माण किया है। उन्होंने कहा, अगर मुंबई से मंडवा के लिए रो-रो सेवा शुरू होती है, तो यात्री एक घंटे से काम समयमें आ जा सकेंगे, इससे यात्रियों को सड़क जाम से मुक्ति तो मिलेगी ही साथ ही ईंधन की भी बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा। रो-रो जहाज में एक बार में 500 यात्रियों और 180 वाहनों को एक साथ ले जाने की क्षमता है। पहले चरण के दौरान हर तीन घंटे में जहाज एक चककर लगाएगी। वाहन को ले आने और ले जाने का किराया 1 से लेकर डेढ़  हजार रुपए और यात्रियों के लिए 235 रुपया किराया होगा।

आपको बता दें कि रायगढ़ एक औद्योगिक जिला है जो पर्यटन के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। मुंबई-मांडवा रो-रो सेवा की शुरु होने के साथ, मुंबई से अलीबाग आने वाले अपना खुद का भी वाहन ले आ सकेंगे। वर्तमान में, जिन यात्रियों या पर्यटकों के पास वाहन है, वे पनवेल के रास्ते मुंबई आते हैं। इसके अलावा मंडावा से गेटवे के बीच बोट सेवा बारहमासी हो सकती है। इसके अतिरिक्त न केवल अलीबाग या मुरुड तक बल्कि पूरे कोंकण पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

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