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'तो हम एक मिनट में लोकल ट्रेन शुरू कर देंगे', राव साहेब दानवे

रावसाहेब दानवे ने कहा, 'महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है और अगर राज्य रिपोर्ट करता है कि मुंबई समेत राज्य में रेल सेवाएं बहाल की जानी चाहिए तो हम एक मिनट में इस पर फैसला लेकर सेवा शुरू कर देंगे।

'तो हम एक मिनट में लोकल ट्रेन शुरू कर देंगे', राव साहेब दानवे
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महाराष्ट्र सरकार की तरफ से उन जिलों में प्रतिबंधों में ढील दी गई है जहां कोरोना वायरस (coronavirus) के मामलों में कमी आई है, मुंबई में भी लगातार कोरोना नियमों में ढील दी जा रही है। जिसके बाद आम मुंबईकर अब लोकल ट्रेन (local train) में यात्रा करने की छूट जल्द से जल्द चाहता है। जब इस बारे में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे (raosaheb danve) से पूछा गया तो उन्होंने लोकल शुरू करने को लेकर अहम बयान दिया।

राज्य सरकार ने हाल ही में उन 25 जिलों में कोरोना प्रतिबंधों में ढील देने का फैसला किया है जहां प्रतिबंध का तीसरा चरण लागू है। जिसके बाद, BMC आयुक्त इकबाल सिंह चहल (iqbal singh chahal) ने शहर के लिए एक नया आदेश जारी किया, जिसमें मुंबई में दुकानों और प्रतिष्ठानों को सप्ताह के पूरे दिन रात 10 बजे तक जारी रखने की अनुमति दी गई। हालांकि होटलों को पहले की तरह शाम चार बजे तक ही खुला रहने की नियम जस का तस रखा गया है।

हालांकि सरकारी और निजी कार्यालयों को पूरी क्षमता से खोलने की अनुमति दी गई है। लेकिन अब सवाल यह है कि कर्मचारी कार्यालयों में कैसे आएंगे क्योंकि आम जनता को मुंबई, ठाणे में रेलवे सेवा का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।

इस बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे ने कहा, 'महाराष्ट्र में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है और अगर राज्य रिपोर्ट करता है कि मुंबई समेत राज्य में रेल सेवाएं बहाल की जानी चाहिए तो हम एक मिनट में इस पर फैसला लेकर सेवा शुरू कर देंगे। अगर कोई कर्मचारी बदलापुर, अंधेरी-बोरीवली में रहता है और उसे नौकरी के लिए मंत्रालय आने के लिए कहा जाता है, तो वह ट्रेन से 50 से 60 रुपये देकर आ जा सकता है, लेकिन ट्रेन बंद होने के कारण उसे  एक तरफ का 700 से 800 रुपये देने पड़ रहे हैं, जो एक दिन में 1,000 रुपये और महीने में 30,000 रुपये है होते हैं।

इसका आम आदमी के आर्थिक गणित पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। इसलिए राज्य में भाजपा ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि राज्य को केंद्र को एक रिपोर्ट भेजनी चाहिए। मैं, रेल राज्य मंत्री के रूप में, यह कहता हूं कि यदि महाराष्ट्र केंद्र को रिपोर्ट भेजता है कि रेल सेवा शुरू की जानी चाहिए, चाहे वह दोनों खुराक ले चुके लोगों के लिए हो या मास्क अनिवार्य लगाने वाले लोगों के लिए, हम तत्काल निर्णय लेंगे।

दानवे ने आगे कहा, राज्य में भाजपा नेताओं ने भी रेलवे शुरू करने के लिए आंदोलन के संकेत दिए हैं। अगर केंद्र इस मामले पर आपसी सहमति से फैसला करता है तो राज्य फिर कह सकता है कि केंद्र ने अपनी मर्जी से फैसला किया। क्योंकि उनमें हर जिम्मेदारी को केंद्र पर धकेलने की प्रवृत्ति होती है।  इसलिए राज्य को पहल करनी चाहिए और इस बारे में रिपोर्ट देनी चाहिए,।

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