जब मुंबई लोकल के भीतर 'टिप-टिप बरसा पानी'!

मैं उस वक्त चौंक गया, जब अचानक से लोकल के भीतर मेरे ऊपर पानी गिरा, और वह पानी काफी गंदा था, जिसने मेरे और आसपास खड़े लोगों के कपड़े खराब कर दिए।

SHARE

गर्मी से परेशान-बेहाल मुंबईकर को आज राहत की सांस मिली है। शुक्रवार की सुबह से ही मुंबई और मुंबई से सटे इलाकों में तेज बारिश हो रही है। घर से ऑफिस के लिए निकले लोगों को थोड़ा बहुत परेशानी का सामना भी करना पड़ा, क्योंकि रास्ते पर जलभराव और ट्रैफिक समेत मुंबई की लोकल ट्रेनों में भी बारिश का असर देखने को मिला, जोकि सामान्य है। पर इसके अलावा जो मैं आपको बताने जा रहा हूं, वह सामान्य नहीं है। इसके बाद से आप लोकल में भी रेनकोट पहनकर यात्रा करने वाले हैं। 

मैंने भायंदर के प्लेटफॉर्म क्रमांक 6 से 12 बजे दोपहर की विरार-चर्चगेट लोकल ट्रेन पकड़ी, जोकि 10 मिनट लेट थी। यह 15 डिब्बे की लोकल थी। 12 बजे तक सामान्य तौर पर थोड़ा बहुत भीड़ लोकल में देखी जाती है। आज भी वही हाल था, मैंने विरार की साइड वाला पहला फर्स्ट क्लास कोच पकड़ा। सीनियर सिटीजन की सीट की तरफ मैंने थोड़ा खाली देखा तो उस ओर बैग रखने चला गया। पर मैं उस वक्त चौंक गया, जब अचानक से लोकल के भीतर मेरे ऊपर पानी गिरा, और वह पानी काफी गंदा था, जिसने मेरे और आसपास खड़े लोगों के कपड़े खराब कर दिए। 

जितनी तेज बारिश बाहर हो रही थी, उतना तेज पानी अंदर टपक रहा था। मैंने एक पल के लिए सोचा कि छाता खोल लेता हूं, पर वह संभव नहीं था। जो लोकल से यात्रा करते होंगे वे तो समझ ही गए होंगे कि क्यों संभव नहीं है। हां मैंने रेनकोट पहना होता तो जरूर बच जाता। पर मेरे पास नहीं था।

मुझे लगा रेलवे प्रशासन इतना लापरवाह तो नहीं होगा कि हमें लोकल के भीतर रेनकोट पहनने के लिए मजबूर करेगा। पर मैं तो आपसे यही कहूंगा कि अगर आप साफ सुथरे और बिना भीगे ऑफिस पहुंचना चाहते हैं, तो लोकल के भीतर रेनकोट जरूर पहनें। फिलहाल जब तक रेलवे इस पर काम नहीं करता तब तक तो जरुर।

संबंधित विषय