मानसून के दौरान सिग्नल फेलियर को रोकने के लिए पश्चिम रेलवे लगाएगी हाई-टेक सिस्टम

भारी बारिश के दौरान सिग्नल फेलियर को रोकने के लिए, पश्चिम रेलवे ने डाई टेक डिजिटल प्रौद्योगिकी के साथ अपने उपनगरीय नेटवर्क का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा कवर कर लिया है।

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मुंबई में लगातार होनेवाली बारिश के कारण कई बार लोकल ट्रेनो की रफ्तार भी दीमी पड़ जाती है , आलम ये होता है की अगर बारिश 24 घंटे से ज्यादा हो जाए तो कई बार रेलवे के सिग्नल फेलियर भी हो जाते है। लेकिन अब ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए रेलवे की ओर से एक अहम कदम उठाया जा रहा है। पश्चिम रेलवे के अधिकारी ने बताया की उन्होंने 1,665 ट्रैक सर्किटों में 1,165 में दोहरी आईडेंटी मोड में डिजिटल एक्सल काउंटर लगाए है।

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हालही में जब बारिश ने मुंबई में दस्तक दी थई तब केवल 50 ट्रैक सर्किट इस बारिश के कारण प्रभावित रहे थे , हालांकी इन सभी ट्रेको पर एक भी सिग्नल फेलियर की घटनाएं नहीं हुई थी।

ट्रैक सर्किट क्या हैं?
जब ट्रैक खाली होता है और कोई रेल उसपर नहीं आ रही होती है तो सिग्रनल पीला और हरा हो जाता है, क सर्किट ट्रेक में मौजूदा प्रवाह की पहचान के आधार पर यह कार्य करता है। जिसकी जानकारी केंद्रीय नियंत्रण टावर को दी जाती है , जो आगे की रेल की स्थिती को नियंत्रित करता है।

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