दादर पारसी कॉलोनी में मनाया गया नवरोज

  • पंकज आठवले
  • कला

दादर - हर धर्म का अपना-अपना अलग नया साल होता हैं, सब अपने धर्म अपनी संस्कृति, परम्परा के अनुसार मनाते हैं, अपने नियम के आधार पर नए साल का स्वागत करते हैं। हर किसी को इंतजार होता हैं नए साल का, नया साल को सब सेलिब्रेट करने की तैयारी करते हैं। पारसी समुदाय का नवरोज में उन्हीं में से एक है। दादर पारसी कॉलोनी में बड़े उत्साह और उमंग के साथ जमशेदजी नवरोज मनाया गया। यह कार्यक्रम दादर पारसी कॉलोनी जिमखाना में मंचेरजी एडुल्जी जोशी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया गया था। एक इस अवसर पर समुदाय के सदस्यों को पिरोजा गोदरेज और डॉ तेहेमतन उद्वाडिया के हाथों सम्मानित किया गया। कॉलोनी से बच्चों द्वारा कुछ मनोरंजक प्रदर्शन भी किया गया।

नवरोज का मतलब क्या होता है-
नवरोज का अर्थ है ईरानी कैलेंडर के पहले महीने का पहला दिन। नवरोज पर पारसी परिवार के सदस्‍य सुबह जल्‍दी तैयार हो जाते हैं और नए साल के स्‍वागत की तैयारियों में लग जाते हैं। पारसी मंदिर अगियारी में विशेष प्रार्थनाएं होती हैं। इन प्रार्थनाओं में लोग पिछले साल उन्‍होंने जो कुछ भी पाया, उसके लिए ईश्‍वर के प्रति आभार व्‍यक्‍त करते हैं। मंदिर में प्रार्थना समाप्‍त होने के बाद समुदाय के लोग एक-दूसरे को नववर्ष की बधाई देते हैं।

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