Panga Review: जिंदगी में दोबारा सपनों की उड़ान भरने की प्रेरणा देती है कंगना की 'पंगा'

'पंगा' एक प्रेरणादायक फिल्म है, जिसमें आपको एक बार फिर वापसी करने सपनो को नई उड़ान देने की प्रेरणा मिलती है। और यह वापसी किसी भी क्षेत्र में हो सकती है।

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'नील बटे सन्नाटा' और 'बरेली की बर्फी' के बाद अश्विनी अय्यर तिवारी 'पंगा' लेकर आ गई हैं। और इस फिल्म की खास बात यह है कि अश्विनी ने इसके लिए बॉलीवुड की बेबाक एक्ट्रेस कंगना रनौत को चुना है, जिनके पंगे आए दिन इंडस्ट्री के साथ होते रहते हैं। खैर वे पंगे तो अलग हैं, और जिंदगी में चलते रहते हैं। पर अश्विनी जो 'पंगा' लेकर आई हैं, वह हर किसी को अपने जीवन में लेने की जरूरत है।

'पंगा' एक प्रेरणादायक फिल्म है, जिसमें आपको एक बार फिर जिंदगी में वापसी करने सपनों को नई उड़ान देने की प्रेरणा मिलती है। और यह वापसी किसी भी क्षेत्र में हो सकती है। खासकर ज्यादातर महिलाएं शादी के बाद अपनी जिंदगी सिर्फ अपने परिवार के इर्द गिर्द गुजार देती हैं और जो उन्होंने कभी सपने देखे थे, वे मानो भूल ही जाती हैं। पर जब जिंदगी कोई जख्म देती है, तो वे सपने भी याद आ जाते हैं। अब जरूरत है तमाम परेशानियों से ऊपर उठकर अपने सपने पूरे करने की। यह फिल्म सिखाती है कि जिंदगी के किसी भी पड़ाव में आप अपने सपने पूरे कर सकते हैं। जरूरत है तो बस खुद को जगाने की एक हिम्मत दिखाने की और खुद पर भरोसा करने की। 

जया निगम (कंगना रनौत) 32 साल की एक विवाहित महिला है, जो रेलवे में नौकरी करती है। उसका एक 7 साल का बेटा है और सपोर्टिव पति जिसका नाम है प्रशांत सचदेवा (जस्सी गिल)। जया जहां एक तरफ जॉब पे जाती है वहीं दूसरी तरफ बच्चे से लेकर पति की जिम्मेदारी भी उठाती है। पर एक बार जब उसका बेटा उसके काम को बहुत छोटा बताता है, तो वह दुखी हो उठती है। इसी बीच प्रशांत बेटे को जया की 7 साल पहले की कहानी सुनाने लग जाता है। जया इंडियन हॉकी टीम के लिए कप्तान रह चुकी है और उसने कई इंटरनॅशनल टूर्नामेंट खेले हैं। पर परिस्थिति कुछ ऐसी बनती है कि जया को हॉकी छोड़नी पड़ती है। पर अब उसका बेटा चाहता है कि जया फिर वापसी करे। कहानी यहां से एक नया रूप लेती है, कई तरह के उतार चढ़ाव आते हैं। अब सवाल उठता है कि क्या जया एक बार फिर कबड्डी खेलेगी और क्या इंडिया टीम के लिए खेलेगी? यह जानना है तो टिकट बुक करो और फिल्म देखकर आओ।

कंगना असल जिंदगी में जितनी बेबाक हैं, उनकी यह बेबाकी फिल्मों में भी नजर आती है। फिल्म की कहानी दो हिस्सों में बटी है, कंगना ने दोनों हिस्से को बखूबी संभाला है। जस्सी गिल ने भी अपनी दमदार अदाकारी का परिचय दिया है। उन्होंने एक सपोर्टिव पति की इमेज कायम कर दी है। कंगना के बेटे का किरदार निभाने वाले एक्टर ने भी काफी हंसाया है। नीना गुप्ता और ऋचा चड्ढा ने भी अपने किरदार के साथ जस्टिस किया है।

अश्विनी अय्यर ने इस फिल्म को लिखा भी है और डायरेक्ट भी किया है। फिल्म के डायलॉग्स उम्दा हैं, डायरेक्शन सधा हुआ है। फिल्म की स्पीड भी बरकरार रही है।

अगर आप एंटरटेनमेंट के साथ कुछ घर भी लेकर जाना चाहते हैं तो 'पंगा' आपको अपने परिवार के साथ जरूर देखनी चाहिए। वैसे तो यह फिल्म सभी को जिंदगी में दोबारा उठकर भागने का हौसला देगी। पर विवाहित महिलाओं के लिए तो यह और भी खास है। हम इस फिल्म को 5 में से 4.5 स्टार देते हैं।

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