1 अप्रैल से 10 बैंकों का होगा विलीनीकरण

4 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 10 प्रमुख बैंकों के विलय को मंजूरी दी गई थी।

1 अप्रैल से 10 बैंकों का होगा विलीनीकरण
SHARES

 

कोरोना के कारण पूरे देश में तालाबंदी की घोषणा की गई है। इसी बीच सरकार ने 1 अप्रैल से 10 बैंकों का विलीनीकरण करने का निर्णय लिया है। 4 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 10 प्रमुख बैंकों के विलय को मंजूरी दी गई थी। अब देश में 4 बड़े बैंक मौजूद रहेंगे। इन बैंकों का संचालन 1 अप्रैल, 2020 से शुरू होने की संभावना है।

यह पूछे जाने पर कि कोरोना के मद्देनजर क्या सरकार बैंकों की विलय प्रक्रिया को हाल फिलहाल के लिए आगे बढ़ सकती है,वकेंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई विचार नहीं है। कोरोना से लड़ने के लिए बैंकिंग सेक्टर पूरी तरह से तैयार है।

हालांकि अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (AIBOC) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बुधवार को विलय प्रक्रिया को स्थगित करने का आह्वान किया है।

ऐसा विलय होगा

ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का विलय पंजाब नेशनल बैंक के साथ होगा। बैंक इसके बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। बैंक का लेनदेन 17 लाख करोड़ रुपये का होगा।

सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में विलय होगा। बैंक देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक होगा। इस बैंक का लेनदेन 15.20 लाख करोड़ रुपये का होगा।

यूनियन बैंक का आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक में विलय होगा। बैंक देश का पांचवा सबसे बड़ा बैंक होगा। बैंक का लेनदेन 14.59 लाख करोड़ रुपये का होगा।

इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय होगा। इसके बाद यह बैंक देश का सातवां सबसे बड़ा बैंक होगा। इस बैंक का लेनदेन लगभग 08.08 लाख करोड़ का होगा।

इसका असर ग्राहक पर पड़ेगा

विलय के बाद, ग्राहक नया खाता नंबर और ग्राहक आईडी प्राप्त कर सकते हैं। जिन ग्राहकों को नया खाता या IFSC कोड मिलता है, उन्हें यह जानकारी आयकर विभाग, बीमा कंपनी, म्यूचुअल फंड, नेशनल पेंशन सेंटर आदि में अपडेट करनी होगी। ग्राहकों को एसआईपी या ऋण ईएमआई के लिए एक नया निर्देश फॉर्म भरना होगा।

इसी तरह, नई चेकबुक, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को जारी किए जाने की संभावना है। एफडी या आरडी पर ब्याज प्रभावित नहीं होगा। उन ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, जिन पर ग्राहकों ने होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन लिया है। बैंक की कुछ शाखाएँ बंद हो सकती हैं।

संबंधित विषय