बारिश में सड़कों पर पानी भरे या रेल पटरियों पर, समस्या से निजात दिलाने के लिए फायर ब्रिगेड ने किया यह काम

सूत्रों के अनुसार अगर किसी इलाके में पानी भर जाता है तो इस वाहन के जरिए 5 इंच गहराई तक जमा हुए पानी को आसानी से निकाला जा सकता है। यही नहीं इसका उपयोग आग लगने पर भी किया जा सकता है।

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पिछले साल मानूसन के महीने में मुंबई-कोल्हापूर महालक्ष्मी एक्स्प्रेस रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण रुक गयी थी। ट्रैक पर कमर तक पानी भर गया था जिससे ट्रेन बीच रस्ते में ही खड़ी हो गयी। यह ट्रेन घंटों पानी में खड़ी रही। इस ट्रेन में महिला और बच्चे सहित लगभग 900 यात्री थे। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (National Disaster Response force) की टीम ने कई बोट चला कर और हेलीकॉप्टर की सहायता से ट्रेन में से यात्रियों को रेस्क्यू किया। ट्रेन में से बाहर आने के बाद यात्रियों ने बताया कि उंनका यह अनुभव काफी बुरा था।

यही नहीं रेल ट्रैक पर पानी भरना बारिश में कोई नई बात नहीं है। ऐसी एक भी बारिश नहीं बीतती जब मुंबई पानी में न डूबती हो। सड़कों पर पानी भर जाने के कारण तो जानें तक चली गयी हैं। बीएमसी द्वारा लाखों करोड़ो रुपए खर्च करने के बाद भी हर साल मुंबईकरों को पानी से भरी सड़कों पर उतरना ही पड़ता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए अब फायर ब्रिगेड विभाग आगे आया है। फायर ब्रिगेड विभाग के पास ऐसा वाहन आ गया है जो किसी भी स्थान से 20 हजार लीटर तक पानी निकाल सकता है।

फायर ब्रिगेड विभाग में एक ख़ास तरह का वाहन शामिल हुआ है। यह वाहन रेलवे ट्रैक सहित उन इलाकों से भी पानी निकाल लेगा जहां बारिश में पानी भर जाता है। यह वाहन कहीं से भी 4 हजार से लेकर 20 हजार लीटर तक पानी निकाल सकता है।

फायर ब्रिगेड की तरफ से इस  तरह के तीन वाहनों को मंगाया जायेगा। इन वाहनों को पूर्वी उपनगर, पश्चिम उपनगर और शहर में स्थित विभाग को दिया जाएगा। इन वाहनों को पूर्वी उपनगर के मानखुर्द (Mankhurd) विभाग में, पश्चिम में बोरीवली (Borivali) विभाग में और शहर ने भायखला (byculla) विभाग में भेजे जाएंगे। बताया जाता है कि ये वाहन अगस्त महीने तक विभागों की मिल जाएंगे। एक वाहन की कीमत 7 करोड़ रूपये है।

सूत्रों के अनुसार अगर किसी इलाके में पानी भर जाता है तो इस वाहन के जरिए 5 इंच गहराई तक जमा हुए पानी को आसानी से निकाला जा सकता है। यही नहीं इसका उपयोग आग लगने पर भी किया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि आगे समुद्र से सटे किसी इलाके में आग लग जाती है तो इस मशीन की सहायता से प्रति मिनट डेढ़ हजार लीटर तक पानी खींच कर आग को बुझाया जा सकता है।

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