बजट को सत्ता पक्ष ने पारदर्शी तो विपक्ष ने भ्रमित करने वाला बताया

 Mumbai
बजट को सत्ता पक्ष ने पारदर्शी तो विपक्ष ने भ्रमित करने वाला बताया

मुंबई – बीएमसी का बजट बुधवार को पेश किया गया। स्थायी समिति के अध्यक्ष रमेश कोरगांवकर और कमिश्नर अजोय मेहता ने इस बजट को पेश किया। लेकिन इस बजट में बीजेपी और शिवसेना के दबाव का असर साफ दिखा। बजट को पारदर्शी और वास्विकता के करीब लाने का पूरा पूरा प्रयास किया गया था। बजट पेश होने से कुछ दिन पहले बीजेपी और शिवसेना ने दोनों ने कमिश्नर अजोय मेहता को पत्र लिखा था। पत्र में बीजेपी ने बजट को पारदर्शी तो शिवसेना ने बजट को वास्तविकता के करीब लाने की बात कही थी।

कमिश्नर मेहता ने बजट को ‘पारदर्शी नागरिक-अनुकूल बजट’ बताया। उन्होंने बजट को सामान्य और खास दोनों के लिए सुविधापूर्ण बताया साथ ही इसे मजबूत, दोहरे तत्व से बचने के लिए, पारदर्शी, विकासात्मक बताया। यहीं है उन्होंने यह भी कहा की इस बजट के साथ हमारी जवाबदारी बढ़ जाएगी। पिछले साल की तुलना में इस बार घाटे का बजट पेश किया गया है। इस बजट में 11 हजार 911 करोड़ रूपये की कमी की गयी है।

बजट पेश करने के दौरान मेहता ने कहा कि प्रशासकीय कार्यों में और भी कार्यक्षमता लायी जायेगी और आधारभूत सुविधाओं के लिए अधिक प्रभावी ढंग से यथोचित रूप से खर्च और उचित दिशा में खर्च किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि बजट को आम लोगों की मुलभुत सुविधाओं को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है। इस बजट में अनावश्यक खर्चों में कटौती भी किया गया है।

बजट को लेकर किसने क्या कहा -

स्थायी समिती अध्यक्ष रमेश कोरगावकर ने बजट को लेकर कहा कि यह बजट शिवसेना के द्वारा किये गये वादों के अनुरूप है। इस बजट में करों को नहीं बढ़ाया गया है। कोरगांवकर ने बजट को वास्तवदर्शी बताते हुए कहा कि इस बजट में स्वतंत्र लाइब्रेरी, गार्डन, कचरों का प्रोसेसिंग प्रक्रिया जैसे बातों को शामिल किया गया है। कोरगांवकर ने कहा कि कमिश्नर मेहता ने इस बजट में किसी भी योजना का समावेश नहीं किया है।

बीजेपी के गुटनेता मनोज कोटक ने बजट को पारदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि बजट का हम स्वागत करते हैं। कोटक ने कहा कि बजट को भारी भरकम रूप से बढ़ाचढ़ा कर पेश किया जाता है लेकिन इस बार का बजट पारदर्शी और वास्विकता के बेहद नजदीक है। बजट में लागू हर निधि का हम सौ फीसदी प्रयोग करेंगे।

कांग्रेस के गुटनेता रविराजा ने कहा कि यह बजट उदासीन है, और लोगों को भ्रमित करने वाला है। उन्होंने इस बजट को बीजेपी और शिवसेना का बजट बताया। रविराजा ने कहा कि बीजेपी और शिवसेना ने मुंबईकरों को जो सपना दिखाया था एक भी योजना का समावेश इसमें नहीं है, दोनों ने मुंबईकरों को फंसाया है।

तो वहीँ सपा के गुटनेता रईस शेख ने कहा कि इस बजट में बीजेपी और शिवसेना के 20 सालों की विफलता इस बजट में देखने को मिली। अब तक सत्तापक्ष बजट को भारीभरकम रूप से पेश करता था लेकिन इस बार इसे कम करके पेश किया गया है। राईस ने कहा कि इसके पहले बजट को कम करके भी पेश किया जा सकता था लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ था इसीलिए अब तक बजट पेश करने वाले कमिश्नरों की जांच होनी चाहिए।

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