अपनी मांगो को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता निकालेंगे विरोध प्रदर्शन

राज्य सरकार ने अभी तक आंगनवाडी़ कार्यकर्ताओं के मानधन में कोई भी बढ़ोत्तरी नहीं की है

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2018 में अंगनवाड़ी और आशा सेविकों के मानधन में दोगुनी वृद्धि की थी, जिसके बाद लोगों को उम्मीद थी की नवंबर  2018 से इस वृद्धि को लागू कर दिया जाएगा।  लेकिन अभी तक राज्य सरकरा ने इसे लागू नहीं किया है जिसके विरोध में  आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ ने मंत्रालय पर जून महिने में इसके खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।  

मुख्य मांगे अभी तक लंबित 

मानधन के साथ साथ  सरकारी सेवा में शामिल करना 5000 रुपये मासिक पेंशन कर्मचारियों के लिए लागू, आंगनवाड़ी केंद्रों के काम के लिए पंजीकरण, रिपोर्ट प्रस्तुत करना, बीमारी के लिए एक साल में 15 दिन छुट्टी  और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं कोउनकी इच्छा के अनुसार  खाली जगहों पर बदली करना जैसी कई मांगे अभी तक मानी नहीं  गई है।  


बार बार आंदोलन

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं  ने अपनी लंबित मांगों के लिए बार-बार आंदोलन किया। आंदोलन के दौरान, सरकार से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को केवल आश्वासन ही मिला है। हालांकिइन आश्वासनों के लागू नहीं होने के कारण आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नाराज हैं और जून के पहले सप्ताह में प्रत्येक जिला परिषद के कार्यालय पर मार्च निकालेंगे। इस मोर्चा के बाद भी अगर सरकार उनके वादों पर ध्यान नहीं देती है तो  11 जून को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मंत्रालय के सामने एक विरोध प्रदर्शन भी निकालेंगे। 

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