ऊंची इमारतों में लगी आग को बुझाने का साधन है दमकल विभाग के पास?


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बुधवार को वर्ली के ब्यूमॉंड बिल्डिंग के 33वें फ्लोर पर लगी आग में अच्छी बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन इस आग के बारे में बोलते हुए विधायक सदा सरवनकर ने बीएमसी अधिकारी और दमकल विभाग पर सवाल उठाया कि जब इतनी ऊंची इमारत में आग बुझाने के लिए कोई साधन नहीं है तो इतनी बड़ी बिल्डिंग बनाने के लिए मंजूरी क्यों दी जाती है? उत्तर देते हुए दमकल विभाग ने यह कहा कि दमकल के पास 33 मंजिल पर पहुंचने के लिए सीढ़ियां हैं, लेकिन सवाल अब यह भी उठता है कि अगर बिल्डिंग की ऊंचाई और रही तो क्या दमकल के पास पर्याप्त साधन हैं कि आग लगने पर आसानी से आग बुझाइ जा सके?



 ऊंची सीढ़ी हो सकती है खतरनाक?
बताया जाता है कि दमकल विभाग के पास ऊंची ऊंची बिल्डिंगों में लगने वाली आग को बुझाने के लिए 72 मीटर, 81 मीटर और 90 मीटर ऊंची सीढ़ी यानि स्नोर्केल है लेकिन मुंबई की भौगोलिक स्थिति के कारण इसका प्रयोग दमकल विभाग नहीं करता क्योंकि मुंबई समुद्र के किनारे बसा है और ऊंचाई पर हवा का वेग काफी अधिक रहता है। इतनी ऊँची सीढ़ी लगाने पर सीढ़ी स्थिर नहीं रहेगी, जिससे उस पर चढ़ने वाले दमकल के जवान के लिए खतरा पैदा हो सकता है।


क्या हैं नियम?
मुंबई अग्निशमन दल के प्रमुख अधिकारी प्रभात रहांगदले ने बताया कि ऊंची इमारतों में लगी आग को बुझाना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। लेकिन ब्यूमॉंड बिल्डिंग में लगे सभी यंत्र कार्यरत थे जिससे दमकलकर्मियों को आग बुझाने में सहायता मिली। उन्होंने कहा कि ऊंची ऊंची बिल्डिंग बनाते समय दमकल विभाग से फायर ऑडिट कराना आवश्यक है साथ ही बिल्डिगों में भी आग बुझाने के पर्याप्त साधन होने चाहिए और समय समय पर बिल्डिंग का फायर ऑडिट कराते रहना चाहिए। 

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