बीजेपी के विरोध, ब्लैक लिस्टेड कम्पनी के साथ काम करने वाली कम्पनी से वापस लिए गया ठेका

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बीजेपी के विरोध, ब्लैक लिस्टेड कम्पनी के साथ काम करने वाली कम्पनी से वापस लिए गया ठेका

शहर में कई विकास कार्यों के लिए ठेका हासिल करने वाली एक कंपनी को एक झटका लगा है। देव इंजीनियरिंग नामकी कंपनी मुंबई में अनेक विकास कार्यों को पूरा करने के लिए कई अनुबंध हासिल किए हैं, लेकिन अब इस कम्पनी पर आरोप लगा है कि इस कम्पनी ने नाले सफाई के कार्य में लापरवाही बरतने वाली एक अन्य ब्लैक लिस्ट कम्पनी आर.ई.इन्फ्रा नामकी कम्पनी के साथ मिल कर 2011 में काम किया था। कंपनी ने आर.ई.इन्फ्रा के सहयोग के साथ पूर्वी उपनगरों में छोटे नालों का काम हासिल कर लिया था।

कुर्ला, तिलक नगर, गोवंडी, देवनार, चेंबुर, मानखुर्द आदि स्थानों पर विभिन्न कार्य के लिए देव इंजीनियरिंग कंपनी को 8 करोड़ रुपये का ठेका मिला था। कंपनी ने अपने निविदा में उल्लेख किया था कि उसने 2011 में आर.ई. इन्फ्रा के साथ साझेदारी में मिलकर भांडुप में बॉम्बे ऑक्सीजन नाला बनाया था, साथ ही जेवीएलआर में पाइप लाइन डालने सहित एनी विकास कार्यों को पूरा किया था।

इस मुद्दे पर बीजेपी के गुटनेता मनोज कोटक ने कहा कि बीएमसी एक ऐसी कंपनी को ठेका नहीं दे सकती है जिसने ब्लैक लिस्टेड कंपनी के साथ काम किया हो। कोटक ने सवाल उठाया कि देव इंजीनियर्स कम्पनी का ब्लैक लिस्ट कम्पनी के साथ भागीदारी होने से इसे ठेका कैसे मिल गया? उन्होंने आगे कहा कि इस कम्पनी को ठेका देकर एक तरह से करप्ट लोगो को क्लीन चिट दिया जा रहा है।

कोटक ने मांग की कि देव इंजीनियरिंग कंपनी का ठेका रद्द कर दिया जाना चाहिए क्योंकि बीएमसी ने सड़क मरम्मत घोटाले के बाद सूचीबद्ध ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को दिए गए अनुबंधों को रद्द कर दिया था। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त आई.ए. कुंदन ने स्थायी समिति से इस प्रस्ताव को वापस लेने के लिए अनुमति मांगी। जिसके बाद समिति ने कुंदन की मांग को स्वीकार कर लिया और प्रस्ताव वापस ले लिया गया। 


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