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खाद्यपदर्थ बेचने वाली सभी होटलों का फायर ऑडिट हो अनिवार्य- बीजेपी

कई होटल्स और दुकानें ऐसी भी हैं जिनके पास न तो दमकल विभाग का एनओसी है और न ही आग लगने पर बुझाने के कोई ठोस इंतजाम।

खाद्यपदर्थ बेचने वाली सभी होटलों का फायर ऑडिट हो अनिवार्य- बीजेपी
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पिछले साल जाते जाते कमला मिल आग के रूप में कभी न भूलने वाला दर्द दे गया। इस घटना से सबक लेते हुए बीएमसी ने मुंबई के तमाम छोटे बड़े होटलों की फायर ऑडिट किया था जिसमें अनेक होटल नियमों का उल्लंघन करते मिले थे। नगरसेवकों ने मांग की है कि मुंबई के सभी होटलों को अग्निशमन विभाग की ओर से फायर ऑडिट कराना अनिवार्य किया जाए।


अनिवार्य हो फायर ऑडिट
बीजेपी की नगरसेविका नेहल शाह ने कहा कि मुंबई में खाद्यपदार्थ बेचने वाले अनेक ऐसे लोग हैं जिनके किसी दूसरे व्यवसाय का लाइसेंस है लेकिन वो कोई अन्य व्यवसाय चलते हैं। यही नहीं कई होटल्स और दुकानें ऐसी भी हैं जिनके पास न तो दमकल विभाग का एनओसी है और न ही आग लगने पर बुझाने के कोई ठोस इंतजाम। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी एनओसी नहीं लेने के कारण लोग खाना पका कर बेचते हैं, लेकिन खाना को रखने का स्थान और बर्तन काफी गंदा होता है। इसीलिए तमाम होटलों और खाद्यपदार्थ बेचने वालों को हर साल दमकल विभाग से फायर ऑडिट कराना चाहिए।


लाइसेंस का निरक्षण भी हो जरुरी 
शाह ने आगे कहा कि मुंबई के होटल्स, बेकरी, कैटरिंग वाले जैसे ठिकानों पर खाद्यपदार्थ तैयार करके और उनकी बिक्री करने के लिए बीएमसी की संबंधित विभागों की तरफ से दमकल विभाग की तरफ से भी एनओसी लेना आवश्यक होता है, लेकिन असल में ऐसा होता नहीं है। कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिसमें दूकानदार कुछ विशिष्ट प्रकार का खाद्यपदार्थ बनाने के लिए लाइसेंस तो ले लेते हैं लेकिन कुछ समय बाद जब उनका धंदा डाउन हो जाता है तो वे उसी लाइसेंस पर दूसरा खाद्यपदार्थ बनाने लगते हैं। कई प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि दूध बेचने के लाइसेंस पर चाइनीज और सैंडविच बेचा जा रहा है। इसीलिए ऐसे स्थानों का निरीक्षण करना आवश्यक हो जाता है।

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