बीएमसी की पहल: मातृत्व अवकाश की तरफ पुरुषों को भी मिलेगा पितृत्व अवकाश

लेकिन बीएमसी के लिए अब नई परेशानी खड़ी हो सकती है क्योंकि छुट्टी पर जाने के बाद बीएमसी का कम प्रभावित होगा और संख्या में भी कमी आ सकती है, लेकिन इस बारे में बीएमसी का कहना है कि वस पुरुष कर्मचारियों की संख्या और वर्कलोड पर पड़ने वाले असर का आकलन करेगी।

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नवजात शिशुओं और उसकी मां की देखभाल के लिए बीएमसी ने एक नई पहल शुरू की है। इस नई पहल के मुताबिक जिस तरह से गर्भवती महिलों को प्रसव के उपरांत मातृत्व अवकाश में महिलाओ को छुट्टी मिलती है ठीक उसी तरह से बीएमसी के पुरुष कर्मचारी भी अपने बच्चे और पत्नी की देखभाल के लिए अब पितृत्व अवकाश ले सकेंगे। बीएमसी की बैठक में इस प्रस्ताव को पेश किया गया जहां सर्वसम्मति से इसे पास कर दिया गया।

प्रस्ताव हुआ पास
बीएमसी में हुई इस बैठक में मेयर विश्वनाथ महाडेश्वर, कमिश्नर अजोय मेहता सहित सभी पार्टियों के नगरसेवक भी मौजूद थे। इस प्रस्ताव के पेश होने के बाद इसे पास कर दिया गया। इस प्रस्ताव के पास होने के बाद बीएमसी में कार्यरत कई पुरुषों को इसका लाभ मिलेगा।

मातृत्व अवकाश लाभ अधिनियम के मुताबिक किसी भी महिला कर्मचारी को प्राइवेट कंपनियों, सहित सरकारी प्रतिष्ठानों में मातृत्व अवकाश के लिए 26 सप्ताह का अवकाश अनिवार्य होता है।

आपको बता दें कि मुंबई जैसे शहरों में कई एकाकी परिवार रहते हैं। इन परिवारों में गर्भवती महिलाओं की देखभाल करने वाला कोई नहीं होता। यही नहीं प्रसव के बाद तो महिलाओं के लिए और भी दिकत्तें खड़ी हो जाती है। इस मौके पर घरेलू कार्यों को पूरा करने के साथ-साथ अन्य कार्यों में भी सहायता मिले इसके लिए महिला को किसी एक सहयोगी की आवश्यकता होती है, अगर सहयोगी के रूप में उसका पति हो तो महिला के लिए इससे ख़ुशी की बात क्या हो सकती है।

इस बारे में बात करते हुए शिवसेना के नगरसेवक समाधन सरवनकर ने कहा कि जनरल बॉडी मीटिंग में इस स्ताव को पेश किया गया। पूरी तरह से चर्चा के बाद इसे बहुमत से पास कर दिया गया।

असर भी पड़ेगा
लेकिन बीएमसी के लिए अब नई परेशानी खड़ी हो सकती है क्योंकि छुट्टी पर जाने के बाद बीएमसी का कम प्रभावित होगा और संख्या में भी कमी आ सकती है, लेकिन इस बारे में बीएमसी का कहना है कि वस पुरुष कर्मचारियों की संख्या और वर्कलोड पर पड़ने वाले असर का आकलन करेगी।

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