'वॉटर टॉवर' से बुझेगी ऊंची बिल्डिंगों पर लगी आग

वॉटर टॉवर एक ऐसा यंत्र है जिसका पानी का प्रेशर इतना अधिक होता है उससे आसानी से पानी ऊंचाई पर पहुंच जाता है।

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मुंबई जैसे शहर में जहां गगनचुंबी इमारतों का जंगल है। इन इमारतों में आग लगने पर उसे बुझाना बीएमसी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता। कई मामलों में बीएमसी इमारत की उस ऊंचाई पर पहुंच ही नहीं पाती जिस फ्लोर पर आग लगी होती है। इसे देखते हुए अब बीएमसी ने वॉटर टॉवर खरीदने का निर्णय लिया है। वॉटर टॉवर एक ऐसा यंत्र है जिसका पानी का प्रेशर इतना अधिक होता है उससे आसानी से पानी ऊंचाई पर पहुंच जाता है। वॉटर टॉवर को खरदीने के लिए 13 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस प्रस्ताव को पास करने के लिए बीएमसी की समिति में पेश किया जाएगा।

दमकल के एक अधिकारी के मुताबिक इस समय बीएमसी के पास कुल 34 दमकल केंद्र हैं जिसमें कुल 270 से अधिक वाहनों का बड़ा है। अनेक स्थानों पर दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंच पाती हैं, साथ ही अनेक ऐसी संकरी गलियां होती है जिसके अंदर गाड़ी नहीं जा सकती तो इन स्थानों पर वॉटर टॉवर यंत्र काम में आ सकेगा।

बताया जाता है कि इस वॉटर टॉवर  यंत्र की ऊंचाई 55 मीटर होगी। ऊंची इमारतों में आग लगने पर वहां सीढ़ियां नहीं पहुंच पातीं जिससे आग बुझाने पर दमकल कर्मियों को परेशानी होगी है। जिसके बाद अब वॉटर टॉवर ख़रीदने का निर्णय लिया गया है। इसके पहले बीएमसी ने आग बुझाने के लिए रोबोट भी खरीदा था लेकिन वह कारगार सिद्ध नहीं हुआ।

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