बीएमसी को मिला एशिया पैसेफिक पुरस्कार


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दक्षिण मुंबई स्थित रतनसी मुलजी जेठा फाऊंटेन को पुनरुद्धार कर उसे फिर से जीवंत बनाने रखने के काम के बाद यूनेस्को ने बीएमसी को एशिया पैसेफिक पुरस्कार से नवाजा है। यह फाउंटेन पिछले कई सालों से अपने दुर्दिन अवस्था में था।

वॉर्ड 'ए' में स्थित इस फाउंटेन को साल 1894 में रतनसी मुलजी जेठा फाऊंटेन ने बनवाया था। इंडो सेरेनिक स्थापत्य कला से बनाए गए इस फाउंटेन को बीएमसी ने संरक्षित लिस्ट की वन कैटगरी में रखा हुआ था। लगभग सवा सौ साल पुराना यह फाउंटेन उचित रख रखाव के आभाव में काफी जीर्ण अवस्था में हो गया था।

इसके बाद काला घोड़ा एसोसिएशन और बीएमसी ने इसके पुनरूद्धार का काम संयुक्त रूप से करने का निर्णय लिया। साल 2015 से इसका कार्य शुरू हुआ और साल 2018 में पूरा हुआ। महत्वपूर्ण बात यह रही कि काला घोड़ा एसोसिएशन ने इसके पुनरद्धार में पैसा तो लगाया ही साथ ही विकास दिलावरी नामके के आर्किटेक्ट अपना महत्वपूर्ण योगदान भी दिया।

अब जब इसका काम पूरा हो चुका है तो इसे आम लोगों के लिए भी खोल दिया गया है।लेकिन इसे डेली मात्र 2 घंटे के लिए हो आम लोग देख सकेंगे।

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