कोर्ट ने पुछा सवाल, शिक्षकों को पगार देने के लिए मुंबई बैंक ही क्यों?

अब इस मामले में अगली सुनवाई 31 जनवरी को रखी गई है।

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शिक्षकों के वेतन के मामले में मुंबई उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को पुछा की मुंबई में शिक्षकों के वेतन का भुगतान करने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक की जगह मुंबई बैंक का चयन क्यों किया गया? दरअसल पिछलें कई महीनों से शिक्षक इस बात का विरोध कर रहे है की उनको सैलरी राष्ट्रीय बैंक से दिया जाए।


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शिक्षक भारती ने की थी याचिका दायर

राज्य सरकार ने कुछ महिनों पहले शिक्षकों की पगार देने का निर्णय मुंबई बैंक में देने का फैसला किया गया था। जिसके विरोध में शिक्षक भारती के अशोक बेलसरे, सुभाष मोरे और जालिंदर सरोदे ने एड. सचिन पुंदे के जरिए कोर्ट में एक रिट फाइल की गई थी। जिसपर सुनवाई की गई और कोर्ट ने राज्य सरकार से इस बात का जवाब मांगा की आखिरकार शिक्षको की पगार देने के लिए सिर्फ मुंबई बैंक ही क्या, किसी राष्ट्रीय बैंक से क्यो नहीं ? अब इस मामले में अलगी सुनवाई 31 जनवरी को रखी गई है।

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