दिल्ली में वकीलों के साथ मारपीट के विरोध में मुंबई के वकील भी करेंगे शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन

शनिवार को पार्किंग विवाद के बाद पुलिस और वकीलों में जो हिंसक झड़प हुई उसमें कम से कम 50 लोग घायल हो गए

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दिल्‍ली के तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुई झड़प का मुद्दा अब तूल पकड़ता जा रहा है। जहाँ एक ओर इस झड़प के विरोध में दिल्ली में वकीलों ने आज काम न करने का एलान किया है तो वही अब मुंबई के वकील भी उनके समर्थन में उतर आए है। शनिवार को पार्किंग विवाद के बाद पुलिस और वकीलों में जो हिंसक झड़प हुई उसमें कम से कम 50 लोग घायल हो गए जबकि दो वकीलों को गोली लगी है। इस हिंसा में कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया।

शांतिपूर्ण तरीके से विरोध

बोरीवली एडवोकेट बार एसोसिएशन ने फैसला किया है की दिल्ली में वकीलों के साथ  हुई इस घटना का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने के लिए बोरीवली कोर्ट के सभी वकील 6 नवंबर बुधवार को हाथ में लाल पट्टी बांधकर काम करेंगे। मुंबई के साथ साथ देश के कई अन्य हिस्सों से भी वकीलों ने इस घटना की निंदा की है।


दिल्ली हाईकोर्ट ने तीस हजारी कोर्ट में पार्किंग को लेकर पुलिस और वकीलों के बीच हुई हिंसक झड़प मामले में रविवार को स्वत: संज्ञान लेते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट के पूर्व जज न्यायमूर्ति एसपी गर्ग मामले की जांच करेंगे। छह सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस बीच दिल्ली स्थित सेंट स्टीफन अस्पताल से घायल वकीलों का हालचाल जानने के बाद निकले सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तीस हजारी कोर्ट में कल की घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी। जिस तरह से वकीलों पर गोलियां चलाई गई थीं, मैं इसकी निंदा करता हूं।

दिल्ली सरकार उठाएगी इलाज़ का खर्च

उन्होंने आगे कहा कि मैं फायरिंग में घायल हुए दो वकीलों से मिलकर आ रहा हूं,फिलहाल उनके हालात अभी स्थित है, दिल्ली सरकार की ओर से उनके इलाज का पूरा खर्चा उठाया जाएगा


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