...तो कंपनियों को दे दवाई निर्माण की इजाजत।

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...तो कंपनियों को दे दवाई निर्माण की इजाजत।

दवाई बनानेवाली कंपनियों को नई दवाई बनाने और उनके बिक्री के लिए केंद्रीय दवाई नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी लेना अनिवार्य है। ये मंजूरी लेने के बाद संबंधित अन्न और दवाई विभाग की ओर से कंपनियों को दवाई बनाने और बिक्री के लिए इजाजत दी जाती है। लेकिन कई दवाई निर्माता इन इजाजतों के बगैर ही दवाईयों का निर्माण करते है। जिसे दखते हुए केंद्रीय दवाई नियंत्रण बोर्ड एक परिपत्रक जाहीर किया है। जिसमें कहा गया है की केंद्रीय दवाई नियंत्रण बोर्ड की मंजूरी प्राप्त किए दवाईयां निर्माता कंपनियां जल्द से जल्द इजाजत ले। जिसके आदेश सभी राज्यो के एफडीए को दे दिए गये है।

किसी भी तरह की दवाईयां तैयार करने के लिए एफडीए की मंजूरी जरुरी होती है। जिसे देखत हुए केंद्रीय दवाई नियंत्रण बोर्ड ने एफडीए को निर्देश दिए है की वो ऐसे कंपनियों पर सख्त नजर रखे और कार्रवाई करें जो बिना इजाजत के नकली दवाईयां बनाती है।

एफडीए के सहआयुक्त (मेडिसिन) मुख्य ओम प्रकाश साधवानी ने इस बात की पूष्टी की है। साथ ही उन्होने कहा की केंद्रीय दवाई नियंत्रण बोर्ड ने जो भी जानकारी मांगी है वो जल्द ही उन्हे प्रदान की जाएगी। अभी तक एनपीपीए ने 60 एसी कंपनियों का पर्दाफाश किया है जो बिना किसी अनुमति के दवाईयां बना रही थी।

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