सीएसटी स्टेशन हुआ 129 साल का

 CST
सीएसटी स्टेशन हुआ 129 साल का
सीएसटी स्टेशन हुआ 129 साल का
See all

मुंबई के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन छत्रपति शिवाजी टर्मिनस(सीएसटी) इमारत को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल हुए 129 साल पूरे हो गए। देश की पहली ट्रेन इसी जगह से चली थी। अपने बेजोड़ वास्तु की वजह से आज भी लोगों को आकर्षित करने वाली इस इमारत का निर्माण ग्रेट इंडियन पेनिनस्यू ला रेलवे द्वारा मई 1878 में शुरू किया गया था।

सीएसटी का इतिहास

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ के 75वीं वर्षगांठ के असवर पर बनने वाला सीएसटी स्टेशन 1888 में बनकर तैयार हो गया था। इसे सन् 1887 में महारानी विक्टोरिया के नाम पर इसका नाम ‘विक्टोरिया टर्मिनस’ रखा गया बाद में सन् 1996 में इसका नाम विक्टोरिया टर्मिनस से बदलकर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रखा गया। सन 2004 में यूनेस्को द्वारा इसके वास्तु वैभव को देखते हुए इसे ‘विश्व विरासत’ साइट की सूची में रखा। दिसंबर 2012 से छत्रपति शिवाजी टर्मिनस भवन को सभी कार्य दिवसों में सार्वजनिक अवलोकन की सुविधा प्रदान की गई। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस भवन के शताब्दी उत्सव के दौरान एक डाक टिकट जारी किया गया था। वर्ष 2013 में, जब भवन की 125वीं वर्षगांठ मनाई गई तो इस अवसर पर एक विशेष पोस्टल कवर जारी किया गया था। वर्ष 2016 में इसकी पर्यटक आर्कषण क्षमता को देखते हुए इस भवन को भारत की 10 प्रतिष्ठित स्थानों के रूप में चयनित किया गया।

विक्टोरिया इमारत की लागत 16.13 लाख

विक्टोरिया टर्मिनस इमारत की निर्माण लागत रुपए 16.13 लाख थी। इस भवन का निर्माण भारतीय वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए गोथिक शैली में किया गया है। यह भवन अंगरेजी के अक्षर ‘सी’ के आकार में संतुलित तथा योजनाबध्द तरीके से पूर्व और पश्चिम दिशा में बनाई गई है।

इस भवन का मुख्य बिंदु इसका मध्यद गुंबद हैं जिसके ऊपर प्रगति को दर्शाने वाली 16 फिट 6 इंच बड़ी प्रतिमा हैं। उस वक्त इस स्टेकश में 6 प्लेटफार्मों का निर्माण किया गया जिसकी लागत 10.4 लाख आई थी। वर्ष 1929 में यहां प्लेटफार्म की संख्या बढ़ कर 13 हो गई। फिलहाल यहां कुल 18 प्लेटफार्म है।


डाउनलोड करें Mumbai live APP और रहें हर छोटी बड़ी खबर से अपडेट।

मुंबई से जुड़ी हर खबर की ताज़ा अपडेट पाने के लिए Mumbai live के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें।

(नीचे दिए गये कमेंट बॉक्स में जाकर स्टोरी पर अपनी प्रतिक्रिया दें) 

Loading Comments