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सड़कों पर अब नहीं होंगे गड्ढे, बीएमसी ने उठाया कड़ा कदम

बीएमसी ने एक तरह से ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा है कि बीएमसी ने जिन सड़कों को 'अच्छे स्तर' वाला करार दिया है, अगर उसमें गड्ढे पड़ते हैं तो इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी.

सड़कों पर अब नहीं होंगे गड्ढे, बीएमसी ने उठाया कड़ा कदम
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मानसून (monsoon) में सड़कों पर पड़ने वाले गड्ढों को लेकर बीएमसी (BMC) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है बीएमसी ने एक तरह से ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा है कि बीएमसी ने जिन सड़कों को 'अच्छे स्तर' वाला करार दिया है, अगर उसमें गड्ढे पड़ते हैं तो इसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी और उसके द्वारा किये गये कार्यों के बदले दिए जाने वाले पैसों को रोक दिया जाएगा आपको बता दें कि सड़कों की मरम्पमत के लिए बीएमसी हर साल करोड़ो रुपए  खर्च करती हैं बावजूद इसके ,मानसून में सड़कों पर गड्ढे बन जाते हैं, जिसमें गिर कर लोग हादसे के शिकार हो जाते हैं, जिसका परिणाम लोगों की मौत के रूप में सामने आता है

बीएमसी के स्थायी समिति में गुरुवार को एक बैठक हुई। इस बैठक में गड्ढों को लेकर भी सवाल किया गया। बैठक में मौजूद अपर आयुक्त विजय सिंघल ने यह स्पष्ट किया कि ठेकेदार गारंटी अवधि के दौरान सड़कों पर गिरने वाले गड्ढों के लिए जिम्मेदार होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि, अगर गारंटी अवधि के दौरान सड़कों पर गड्ढे बनते हैं तो उन्हें भरने का काम भी ठेकदार का होगा. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि, सड़क से लग कर फूटपाथ का भी ध्यान ठेकदार को रखना होगा और सड़को पर खोदे जाने वाले वैध और अवैध दोनों की जानकारी मुहैया करानी होगी.

 मानसून के मौसम में हर साल सड़कों पर पानी भर जीता है और जगह-जगह गड्ढे बन जाते हैं चूँकि मुंबई देश में सबसे अधिक टैक्स देने वाला शहर है इसके बावजूद इस तरह की परेशानी को लेकर बीएमसी की आलोचना की जाती है

हर साल बीएमसी अच्छे स्तर वाली सड़कों का निर्माण करने का आश्वासन देती है, और इसके लिए ठेकेदारों की नियुक्ति भी करती है, लेकिन ठेकेदारों द्वारा किया जाने वाला भ्रष्टाचार किसी से छुपा नहीं है

ठेकेदार अधिकारियों के साथ सांठगांठ करके कांट्रेक्ट हासिल कर लेते हैं और क्वालिटी के साथ समझौता करके स्तरहीन सड़कों का निर्माण करते हैं, जिसमें कम समय में ही गड्ढे बन जाते हैं

तमाम दुश्वारियों को देखते हुए अब बीएमसी ने कड़ा निर्णय लिया है अब बीएमसी  खुद इन गड्ढों को संज्ञान में लेते हुए   ठेकेदार को इसका जवाबदार मानेगी. बीएमसी का कहना है कि अच्छी सड़कों पर अगर गड्ढे बनते हैं तो ठेकेदारों को उनका  भुगतान रोक दिया जाएगा

इस बाबत सीमेंट कंक्रीट से बनी सड़क की वारंटी अवधि को बढ़ा कर 5 से 10 साल कर दिया गया है. डामर से बने सड़कों के गारंटी अवधि को बढ़ा कर 3 से 5 साल तक कर दिया गया है। और गारंटी अवधि के समाप्त होने तक ठेकेदार के 20 फीसदी रकम को रोक कर रखा जाएगा, और इस बीच सडकों पर गड्ढा बनता है तो उसे भरने के काम ठेकदार का ही होगा 

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