Advertisement

मुंबई की मेयर का दावा, मंदिर खुलने से बढ़े कोरोना मरीज

बकौल मेयर, भले ही इस मुद्दे पर केवल एक से दो फीसदी लोग ही सरकार को निशाना बना रहे हैं और दबाव बना रहे हैं, उन्हें अपनी बात कहने दीजिए।

मुंबई की मेयर का दावा, मंदिर खुलने से बढ़े कोरोना मरीज
SHARES

मुंबई के मेयर किशोरी पेडणेकर (mumbai mayor kishori pednekar) ने दावा किया है कि दिवाली के अवसर पर राज्यभर में पूजा स्थलों के खुलने के कारण कोरोना रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि,  मुंबई में कोरोना (Covid in mumbai) की दूसरी लहर नहीं है, लेकिन अगर आप उचित नियमों का पालन नहीं करते हैं तो यह परेशान करने वाला हो सकता है। कोरोना (Coronavirus) काफी खतरनाक है और अभी तक पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है।

एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में, मेयर किशोरी पेडणेकर (kishori pednekar) ने कहा कि, कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण, राज्य सरकार की तरफ से अभी तक मुंबई की जीवनरेखा लोकल ट्रेन (local train) सेवा आम जनता के लिए शुरू नहीं की है और 31 दिसंबर तक मुंबई में स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है। ये मुंबईकरों के लिए बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं। इसलिए, सरकार किसी के दबाव के बावजूद अपने फैसले में अडिग है। और अगर स्कूल शुरू होता है तो, 'मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी' अभियान टूट जाएगा।  सोशल मीडिया (social media) पर भी माता-पिता कह रहे हैं कि तुरंत स्कूल न खोलें।  किशोरी पेडनेकर ने बताया कि इसके पीछे छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखा गया है।

उन्होंने कहा, ज्यादातर मुंबईकर लोकल ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। हर कोई जानता है कि पीक आवर्स के दौरान लोकल में भीड़ होती है। कोरोना संक्रमण के दौरान, कोरोना वायरस भीड़ के माध्यम से कहीं भी पहुंच सकता है। यदि ऐसा होता है, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं, इसलिए लोकल ट्रेनों को अभी सभी के लिए शुरू नहीं किया जाना चाहिए।

बकौल मेयर, भले ही इस मुद्दे पर केवल एक से दो फीसदी लोग ही सरकार को निशाना बना रहे हैं और दबाव बना रहे हैं, उन्हें अपनी बात कहने दीजिए।

किशोरी पेडणेकर ने यह भी स्पष्ट किया कि इस दबाव (कोरोना वायरस) की तुलना में लोगों का जीवन हमारे लिए अधिक महत्वपूर्ण है।

Read this story in English or मराठी
संबंधित विषय
Advertisement