
इस साल महाराष्ट्र में मॉनसून के आने में एल नीनो की वजह से देरी हुई है। जून के 15 दिन बीत जाने के बाद भी राज्य के ज़्यादातर हिस्सों में बारिश नहीं हुई है।बारिश न होने की वजह से तापमान बहुत ज़्यादा बढ़ गया है। इस वजह से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स गर्मी और उमस भरी गर्मी से परेशान हो गए हैं। इस वजह से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स ने स्कूल के शेड्यूल में बदलाव की मांग शुरू कर दी है।(Demand to change school timetables)
बढ़ते तापमान की वजह से, अलग-अलग टीचर्स एसोसिएशन ने स्कूल एजुकेशन मिनिस्टर दादा भुसे से अगले 15 दिनों तक स्कूल का दोपहर का सेशन सुबह के सेशन में करने की मांग की है।
विदर्भ को छोड़कर पूरे राज्य में स्कूल 15 जून से शुरू हो गए हैं। हालांकि, दोपहर के सेशन में स्कूल जाने वाले स्टूडेंट्स गर्मी और उमस भरी गर्मी से परेशान होने लगे हैं। डर है कि इससे स्टूडेंट्स की हेल्थ पर असर पड़ेगा।
खासकर ग्रामीण इलाकों के कई स्कूलों में पीने के पानी की कमी, बिजली की सप्लाई ठीक न होने और लोहे की चादरों से बने क्लासरूम की वजह से स्टूडेंट्स को ज़्यादा परेशानी हो रही है। पेरेंट्स स्टूडेंट्स की हेल्थ और सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए स्कूल टाइमटेबल में टेम्पररी बदलाव की मांग कर रहे हैं। यह भी मांग है कि मॉनसून सीजन शुरू होने तक मॉर्निंग सेशन को मंज़ूरी दी जाए।
यह भी पढ़े- मुंबई मेट्रो कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए BEST की 1,500 नई इलेक्ट्रिक मिडी बसें लाने की योजना
