यहां मोबाइल की रोशनी में किया जाता है अंतिम संस्कार

    Nala Sopara
    यहां मोबाइल की रोशनी में किया जाता है अंतिम संस्कार
    मुंबई  -  

    मुंबई से सटे पालघर जिले के वसई-विरार शहर महानगर पालिका के मनपा क्षेत्र में नागरिकों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आश्चर्य की बात है यह कि बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण श्मशान भूमि में अंधेरा पसरा रहता है। इस स्थिति में मृतक की अंत्येष्ठि के लिए कोई पर्याय व्यवस्था नहीं होने कारण परिजनों द्वारा मोबाइल के प्रकाश में अंतिम संस्कार की क्रिया की जाती है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार नालासोपारा पूर्व के तुलिंज क्षेत्र में पुरानी श्मशान भूमि है, जहां पर अनेक समस्याओं से लोगों को जूझना पड़ता है, यहां पर पानी की गंभीर समस्या है, लोगों के हाथ पांव धोने तक के लिए भी मनपा द्वारा कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। और तो और करोड़ों का बजट होने के बाद भी बैठने तक की व्यवस्था नहीं की गयी है। वसई-विरार शहर महानगर पालिका के मनपा क्षेत्र के वार्षिक बजट की बात की जाए तो वर्ष 2016-17 में 10 करोड़ 60 लाख रुपये की निधि पास की गयी थी। इसी तरह से वर्ष 2017-18 के वार्षिक बजट में शमशान भूमि के लिए 12 करोड़, 5 लाख, 96 हजार रुपये की निधि पास की गयी है। करोड़ रुपये के बजट के बाद भी बिजली जैसी आवश्यक वस्तु तक की व्यवस्था मनपा द्वारा नहीं किया गया। जिससे सवाल उठता है कि मनपा करोड़ों रुपये की निधि को किस मद पर खर्च कर रही है। दूसरी ओर मनपा ने कहा वन क्षेत्र की भूमि होने के कारण श्मशान भूमि को विकसित करने में काफी दिक्क़तें आ रही हैं। मृतक का रात्रि में अंतिम संस्कार करने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यही नहीं रोशनी के अभाव में लोगों द्वारा मोबाइल के प्रकाश में अंतिम संस्कार किया जाता है। मनपा के इस उदासीन रवैये से नागरिकों में काफी आक्रोश व्याप्त है।

    समाजसेवक एच एस दसोनी का कहना है कि मनपा क्षेत्र के नालासोपारा पूर्व की आबादी अधिक है, यहां पर श्मशान भूमि की समस्या को लेकर समय समय पर लोगों ने आवाज भी उठाई। बावजूद इसके आजतक यहां पर बिजली और पानी सुविधा नहीं दी गई है। जिससे यहां पर अंतेष्ठि के दौरान लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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