exclusive: आरे कॉलोनी के जंगलों में अब तक 30 बार लगाईं जा चुकी है आग


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लगभग नौ दिन पहले, आरे कॉलोनी के जंगल में भीषण आग लग गई थी। इस आग में काफी वन्य संपदा का नुकसान हुआ था। स्थानीय निवासियों का मानना था कि यह आग अपने आप नहीं लगी बल्कि लगाई गयी थी। यही नहीं जब मुंबई फायर ब्रिगेड ने आग लगने की घटना की जांच की, तो उन्हें भी पता चला कि आग जानबूझकर लगाई गई थी।

जांच में अग्निशामक अधिकारियों ने पाया कि यह क्षेत्र सार्वजनिक नहीं होने के कारण मतलब यहां जंगली जानवरों के डर से कोई इंसान आसानी से नहीं आता जाता, इसके बाद भी यहां आधा जला हुआ टायर, बोतलें और प्लास्टिक पाएं गये थे।

मुंबई लाइव की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में चौंकाने वाली बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, आरे कॉलोनी के जंगल में जहां आग लगी थी, वह पहली बार नहीं थी बल्कि इससे पहले भी यहां आग लगाई जा चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक़ साल 2007 से लेकर 2018 तक यानि कुल 11 सालों में यहां अब तक 30 बार आग लगाई जा चुकी है। बताया जाता है कि इस आग को कुछ बिल्डर भू-माफियाओं के साथ मिलकर अंजाम देते हैं।

आरे और सेव ट्री नामकी एनजीओ के सदस्यों ने दावा किया है कि इस काम में आरे के संबंधित अधिकारी भी बिल्डरों और भू-माफियाओं का समर्थन कर रहे हैं।

सेव ट्री के सदस्य जोरू बाथेना का कहना है कि, आग की 30 घटनाओं में से 21 बार ऐसा हुआ है कि आग का स्तर लेवल वन पर पहुंच गया था। जबकि एक बार ऐसा हुआ कि आग का स्तर लेवल तीन पर आ गया था। 

बथेना आगे कहते हैं कि वह जगह जहां आग लगाई गई थी, संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (एसजीएनपी) के नजदीक है। हालांकि यह निजी संपत्ति है, कुछ इसे जंगल में बदलने से रोकने के लिए आग लगाना चाहते हैं। ऐसे कृत्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।  

आपको बता दें कि 3 दिसंबर को सोमवार शाम लगभग 6:30 बजे, गोरेगांव में आरे कॉलोनी में भीषण आग लग गई। आग 8:05 बजे तक लेवल-3 तक पहुंच गई थी। हालांकि मध्यरात्रि तक अग्निशमन के जवानों ने आग को काबू में कर लिया था, इस आग में किसी के जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ था।

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