शहर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत, ऐसे करें अपना बचाव


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शहर में गर्मी से लोग परेशान हैं। जहां एक ओर लोग गर्मी से परेशान हैं तो वहीं दूसरी तरफ मुंबई में स्वाइन फ्लू की वजह से इस साल में पहली मौत दर्ज हुई है। बीएमसी से मिली जानकारी के मुताबिक स्वाइन फ्लू के चलते वर्ली में रहनेवाले 18 महीने के एक बच्चे की मौत हो गई। बच्चे को इलाज के लिए पहले तो 21 अप्रैल को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद 25 अप्रैल को उसे बीएमसी के कस्तूरबा हॉस्पिटल ट्रांसफर किया गया। जहां इलाज के दौरान 28 अप्रैल को बच्चे की मौत हो गई।

जनवरी से लेकर 30 अप्रैल तक 21 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि एक की मौत भी हो चुकी है।

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क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण-

गले में खरास,

बदन दर्द

सिर में लगातर दर्द

लगातार सर्दी जुकाम

कैसे करें बचाव

इस बीमारी से बचने के लिए हाइजीन का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए, खांसते समय और छींकते समय टीशू से कवर रखें, इसके बाद टीशू को नष्ट कर दें।

बाहर से आकर हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं और एल्कोहल बेस्ड सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

जिन लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण हों तो उन्हें मास्क पहनना चाहिए और घर में ही रहना चाहिए।

स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीज से क्लोज कॉंटेक्ट से बचें, हाथ मिलाने से बचें, रेग्यूलर ब्रेक पर हाथ धोते रहें।

जिन लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही हो और तीन-चार दिन से हाई फीवर हो, उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

स्वाइन फ्लू के टेस्ट के लिए गले और नाक के द्रव्यों का टेस्ट होता है जिससे एच1एन1 वायरस की पहचान की जाती है,ऐसा कोई भी टेस्ट डॉक्टर की सलाह के बाद ही करवाएं।


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