धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ मुंबई पुलिस द्वारा शुरू की गई कार्रवाई को पांच मस्जिदों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका आरोप है कि पुलिस उनके समुदाय को चुन-चुनकर निशाना बना रही है। इन दरगाहों की याचिका पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने मंगलवार को पुलिस और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर आरोपों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का आदेश दिया। (Five dargahs move High Court against Mumbai Polices loudspeaker curb)
लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई शुरू
कोर्ट के आदेश के अनुसार, मुंबई पुलिस ने धार्मिक स्थलों पर नियमों का उल्लंघन करने वाले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने हाल ही में दावा किया था कि यह कार्रवाई सभी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के संबंध में है। हालांकि, पांच दरगाहों की ओर से दायर याचिका में इसके ठीक उलट दावा किया गया है। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि मुंबई पुलिस द्वारा मस्जिदों और दरगाहों को चुन-चुनकर निशाना बनाए जाने के कारण मस्जिदों और दरगाहों के उपासकों को परेशानी हो रही है।
दरगाहों को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने के लिए नोटिस जारी
पुलिस ने याचिकाकर्ता दरगाहों को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने के लिए नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ताओं ने इस नोटिस को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस की यह पूरी कार्रवाई मुस्लिम समुदाय के खिलाफ है, शत्रुतापूर्ण है, भेदभावपूर्ण है और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस राजनीतिक स्वार्थों के चलते कार्रवाई कर रही है। यह कार्रवाई मनमाने ढंग से की जा रही है और इसीलिए याचिकाकर्ताओं ने इसे रोकने की भी मांग की है।
याचिकाओ पर सुनवाई
ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति और समुदाय को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। अज़ान मुस्लिम धर्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। साथ ही, याचिकाकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को रोकने की मांग करते हुए दावा किया है कि मुंबई जैसे शहर में समुदाय के नागरिकों को नमाज़ अदा करने के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना ज़रूरी है। न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति मिलिंद साठे की पीठ ने मंगलवार को याचिकाओं पर सुनवाई की।
उस समय कोर्ट ने पुलिस को नोटिस जारी कर मामले की सुनवाई 9 जुलाई के लिए तय की थी। पिछले सप्ताह पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने दावा किया था कि मुंबई में अब सभी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर नहीं बजते। भारती ने चुनिंदा धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर पर कार्रवाई के आरोपों से भी इनकार किया था। इस बात पर भी जोर दिया था कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आदेश पर यह कार्रवाई व्यवस्थित तरीके से की गई।
भारती ने यह भी कहा था कि यह कार्रवाई इसी साल जनवरी में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों की पृष्ठभूमि में की जा रही है। यह आदेश देते हुए कोर्ट ने दोहराया था कि लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को किसी भी धर्म का अभिन्न अंग नहीं माना जा सकता।
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