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खुशखबरी, 4 महीने में सबसे कम दर्ज हुई मृत्यु दर

पिछले 24 घंटे में 180 लोग इस वायरस के शिकार हुए। मौत का यह आंकड़ा पिछले चार महीनों में अब तक सबसे कम है। तो वहीं राज्य में ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत 77.71 है।

खुशखबरी, 4 महीने में सबसे कम दर्ज हुई मृत्यु दर
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कोरोना के मद्देनजर एक खुशखबरी वाली खबर आई है। राज्य में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में एक बार फिर वृद्धि हुई है, साथ ही मृत्यु दर में भी गिरावट आई है। रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार (28 सितंबर) को राज्य में 19,932 मरीज ठीक हुए और अपने घर चले गए। जबकि पिछले 24 घंटे में 180 लोग इस वायरस के शिकार हुए। मौत का यह आंकड़ा पिछले चार महीनों में अब तक सबसे कम है। तो वहीं राज्य में ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत 77.71 है।

दिनभर के दौरान राज्य में कुल 11,900 नए रोगी पाए गए। वर्तमान में राज्य में 2 लाख 65 हजार मरीजों का इलाज चल रहा है।

अगर वैक्सीन की बात करें तो अभी भी भारत में उस पर काम चल रहा है। हालांकि रूस ने अपने यहां कोरोना की दवा स्पुतनिक V को आम लोगों को देना शुरू कर दिया है। भारत भी जल्द इस दवा को मंगा सकता है।

वर्तमान में भारत में कोरोना रोगियों को विभिन्न बीमारियों के लिए उपलब्ध दवाओं के साथ इलाज किया जा रहा है। भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दवा खोजी है जो वर्तमान में कोरोना के रोगियों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं से अधिक प्रभावी है। आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के खिलाफ इसे अधिक प्रभावी दवा पाया है। यह शोध इंटरनेशनल जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल मैक्रोमोलेक्यूल्स में प्रकाशित हुआ है।

हालांकि, वर्तमान में, मुंबई सहित राज्य में भी, प्लाज्मा थेरेपी का जरिये मरीजों को ठीक किया रहा है। यही नहीं प्लाज्मा थेरेपी के लिए प्रति डोज प्लाज्मा का 200 मिली बैग की कीमत अधिकतम 5 हजार रुपये तय की गई है। यह नियम प्राइवेट अस्पतालों, ब्लड बैंको, रिसर्च सेंटरों आदि के लिए तय की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि अगर इससे अधिक दर होती है, तो अतिरिक्त शुल्क के लिए मरीजों को प्रतिपूर्ति करना अनिवार्य होगा, अन्यथा संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा ब्लड बैंक के लाइसेंस को रद्द कर दिया जाएगा।

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